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खेल

90 से कब छूटेगा सचिन का पीछा

सचिन जैसे ही 90 रन पर पहुंचते हैं, लाखों दिलों की धड़कनें थम जाती हैं. उसके बाद सचिन को फेंके जाने वाली एक एक गेंद पर कितनी ही आखें बंद हो जाती हैं, कितने ही हाथ जुड़ जाते हैं और कितनी ही पलकें नहीं झपकतीं.

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जब तक सचिन 100 के पार नहीं पहुंच जाते तब तक उनका हर फैन घबराया सा रहता है. इसकी जो वजह है उसका मुजाहिरा मोहाली टेस्ट के तीसरे दिन फिर हुआ. सचिन 90 पर पहुंचे तो लोग घबरा गए. उसके बाद बनने वाले एक एक रन के साथ घबराहट बढ़ती जा रही थी.

Indischer Cricketspieler Sachin Tendulkar

यूं करते करते सचिन 98 पर पहुंच गए. और फिर एमजे नॉर्थ की वह बॉल. अब तो सब यही कह रहे हैं कि क्यों...क्यों सचिन उसे खेलने के लिए आगे निकल आए. क्यों उन्होंने खड़े खड़े उस गेंद को फ्लिक नहीं कर दिया. या छोड़ ही देते. एक गेंद और खाली चली जाती तो क्या हो जाता.

लेकिन अब ये सब बस बातें हैं. क्योंकि सचिन उस गेंद पर आगे बढ़े. गेंद बल्ले पर नहीं आई. उनके पैड से टकराई. नॉर्थ ने अपील की. और अंपायर की उंगली आसमान की ओर उठ गई. तब तक सचिन क्रीज में लौट गए थे. उन्होंने मुड़कर अंपायर को देखा. वह कुछ हैरान से नजर आए. कुछ चौंके और फिर पैविलियन की ओर चल दिए. फिर वही स्कोर. सचिन 98 रन पर आउट हो गए. शतक से सिर्फ दो रन पहले.

सचिन और उनका 90 के पार जाकर आउट हो जाना. यह एक ऐसा संगम है जिसे सचिन का कोई फैन कभी देखना नहीं चाहता. वजह जाहिर है. जब सचिन खेलते हैं तो सब चाहते हैं कि वह सेंचुरी बनाएं. इसके बावजूद 90 के साथ जाने उनका क्या बैर है.

हालांकि ऐसा नहीं है कि वही हैं जो 90 की गिनती में आउट होते हैं. सचिन तो अब तक 170 टेस्ट मैचों में सिर्फ 8 बार नर्वस नाइंटीज का शिकार हुए हैं. उनसे आगे तो कई महारथी हैं. राहुल द्रविड़ और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी स्टीव वॉ 10 बार ऐसा कर चुके हैं. मिशेल स्लैटर 9 बार 90 के पार और 100 से पहले आउट हुए. एल्विन कालीचरण और इंजमाम उल हक 8-8 बार नर्वस नाइंटीज का शिकार हुए. यानी सचिन इस मामले में छठे नंबर पर हैं.

लेकिन वनडे और टेस्ट दोनों को मिलाकर देखा जाए तो सचिन इस रिकॉर्ड के बादशाह हैं. वनडे मैचों में वह 17 बार नर्वस नाइनटीज का शिकार हो चुके हैं. इसीलिए उनके फैन अक्सर कहते हैं, 90 से सचिन का पीछा कब छूटेगा!

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः आभा एम

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