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ताना बाना

"9/11 को होलोकॉस्ट जैसा बना दिया"

ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि 11 सितंबर को न्यूयॉर्क पर हुआ हमला पश्चिमी देशों के लिए होलोकॉस्ट जैसा बन गया है, जिसके बारे में कोई चर्चा नहीं करना चाहता.

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महमूद अहमदीनेजाद

ईरान के टीवी चैनव न्यूज नेटवर्क खबर पर लाइव प्रसारित भाषण में अमदीनेजाद ने कहा, "पश्चिमी देशों ने होलोकॉस्ट को पवित्र किताबों और पैगंबर से भी ज्यादा पवित्र बना दिया है जिसके बारे में असल आयामों के बारे में बात करने की इजाजत नहीं दी जाती." अहमदीनेजाद ने कहा, "अब न्यूयॉर्क पर हुए हमले को भी होलोकॉस्ट जैसा बनाने की कोशिश की जा रही है."

अहमदीनेजाद की दूसरे विश्वयुद्ध में यहूदियों के सामूहिक नरसंहार को "कल्पना" बताने पर आलोचना होती रही है. अहमदीनेजाद का कहना है कि यहूदियों को मध्य पूर्व एशिया से निकाल कर यूरोप या उत्तरी अमेरिकी में बसाना चाहिए.

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सोमवार को उन्होंने अपनी उन आशंकों को फिर जाहिर किया जिसके बारे में वो संयुक्त राष्ट्र में दिए अपने भाषण में जिक्र कर चुके हैं. अहमदीनेजाद के इस बयान की सब जगह तीखी आलोचना हो रही है. ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिकी सरकार में शामिल कुछ लोगों ने ही 11 सितंबर के हमलों की साजिश रची. उनका कहना है, "इस हमले का मकसद गिरती अमेरिकी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना, मध्य पूर्व एशिया में इस्राएली सत्ता को मजबूत करना था." अहमदीनेजाद ने पूछा, "जब छुपाने को कुछ नहीं तो अमेरिका इस हमले की स्वतंत्र जांच की इजाजत क्यों नहीं देता. हर बार इस मांग के एवज में मिली कड़ी प्रतिक्रिया ये साबित करती है कि कुछ गड़बड़ है."

ईरानी राष्ट्रपति का कहना है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश को हमले का ब्यौरा देकर ये बताना चाहिए कि किस आधार पर उन्होंने अफगानिस्तान और इराक पर हमला करने का फैसला किया. अहमदीनेजाद ने साफ कहा, "अगर अमेरिकी लोग मेरे सवालों का उचित जवाब नहीं दे सकते, तो कम से कम उन्हें हमारे इलाके से बाहर चले जाना चाहिए."

अहमदीनेजाद ने राष्ट्रपति बराक ओबामा की भी आलोचना की और कहा "अफगानिस्तान और इराक के लोगों से माफी मांगने की बजाए वो 2001 के हमलों के बारे में पूछने पर नाराज हो जाते हैं."

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः ए जमाल

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