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दुनिया

72 घंटे का संघर्ष विराम, टूटने का डर कायम

गाजा में 72 घंटे का संघर्ष विराम शुरू हुआ है और इस्राएली सेना ने इलाके से पूरी तरह अपनी सेना निकालने की घोषणा की है. महीने भर चली लड़ाई के बाद मिस्र की मध्यस्थता से ये डील हुई है. इसके बने रहने की शंकाएं बनी हुई हैं.

इस्राएली सेना के प्रवक्ता मार्क रेगेव ने सोमवार की रात को तेल अवीव में पुष्टि की कि इस्राएल ने मिस्र का प्रस्ताव मान लिया है. एजेंसी खबरों के मुताबिक प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने इससे पहले अपनी सुरक्षा कैबिनेट से चर्चा की थी.

नए समझौते के मुताबिक मंगलवार को स्थानीय समय के हिसाब से सुबह आठ बजे से संघर्ष विराम लागू हुआ. इससे ठीक पहले इस्राएली सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल पीटर लेर्नेर ने पत्रकारों से कहा कि उनकी सेना गाजा से पूरी तरह निकल जाएगी और इसे इस्राएल की सीमा में सिर्फ रक्षा के लिए तैनात रखा जाएगा.

साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस्राएल ने हमास की बनाई सभी सुरंगों को ध्वस्त कर दिया है. आज भी संघर्ष विराम शुरू होने के कुछ समय पहले तक भारी बमबारी होती रही. इस्राएल में रॉकेट हमले से बचने के लिए सायरन सुनाई दिए.

गाजा में भी कई हवाई हमले हुए. सोमवार को फलीस्तीनी इलाके और हमास प्रतिनिधि मिस्र गए थे लेकिन संघर्ष विराम के लिए हो रही इस बातचीत में इस्राएल से कोई नहीं पहुंचा था. तीन सप्ताह पहले मिस्र की मध्यस्थता में दिए गए प्रस्ताव को हमास ने ठुकरा दिया था. उनका कहना था कि मिस्र ने उनसे किसी तरह की बात नहीं की. हमास की मांग थी कि इस्राएल गाजा की नाकेबंदी खत्म करे.

गाजा के अधिकारियों के मुताबिक 1,900 फलीस्तीनी इस संघर्ष में मारे गए हैं. उधर इस्राएल का कहना है कि उसके 64 सैनिक और तीन नागरिकों की मौत हुई. ये संघर्ष आठ जुलाई से शुरू हुआ था.

संघर्ष विराम का स्वागत

अमेरिका ने मंगलवार से शुरू हुए इस विराम का स्वागत किया है और हमास से अपील की है कि वह इसे बनाए रखे. सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक प्रस्ताव को कानून में बदला जिससे आयरन डोम रॉकेट रोधी प्रणाली के लिए इस्राएल को 22.5 करोड़ डॉलर मिल सकेंगे. उधर मिस्र के विदेश मंत्रालय ने कहा, "हमें उम्मीद है कि इससे स्थायी संघर्ष विराम हो सकेगा और स्थिरता आएगी."

संघर्ष विराम की घोषणा के बाद संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने दोनों पक्षों से अपील की, "दोनों पक्ष लंबे संघर्ष विराम और अन्य मुद्दों पर मिस्र में बातचीत शुरू करें." बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान इस संकट पर उच्चाधिकारियों की रिपोर्टें सुनी जाएंगी.

एएम/एजेए (एएफपी, रॉयटर्स, डीपीए)

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