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दुनिया

71 वर्षीया चीनी पत्रकार को 7 साल कैद

चीन की अदालत ने 71 वर्षीय पत्रकार गाओ यू को सरकारी गोपनीय दस्तावेजों को लीक करने के आरोप में सात साल कैद की सजा सुनाई है. डॉयचे वेले के महानिदेशक ने अदालत के फैसले की आलोचना की है.

गाओ के वकील शांग बाओयून ने कहा है कि वे फैसले से बहुत निराश हैं. वकील ने अदालत में दलील दी कि गाओ से उनके बेटे को धमकियां देकर अपराध कबूल कराया गया था. उसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. शांग ने कहा कि अदालत में फैसला पढ़े जाने के बाद 71 वर्षीया पत्रकार ने जोरदार आवाज में कहा कि वे अपील करेंगी. उन्हें और कोई बयान नहीं देने दिया गया. इस मुकदमे में अदालत ने सरकार की गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए एक नए सख्त कानून के आधार पर फैसला लिया है. डॉयचे वेले के चीन विभाग के लिए काम करने वाली पत्रकार को 1999 में भी इसी तरह के आरोप में छह साल की सजा दी गई थी और चीन में उनके प्रकाशन पर रोक लगा दी गई थी. लेकिन गाओ डॉयचे वेले की चीनी सेवा जैसे विदेशी प्रकाशनों के लिए लिखती रहीं. उन्हें एक साल पहले गिरफ्तार किया गया. पिछले नवंबर में उन पर मुकदमा शुरू हुआ.

जर्मनी की विदेश प्रसारण सेवा को गाओ यू को रिहा किए जाने की उम्मीद थी. डॉयचे वेले के महानिदेशक पेटर लिमबुर्ग ने गाओ यू को सात साल की सजा देने के फैसले की कड़े शब्दों में आलोचना की है. उन्होंने कहा, "मैं गाओ यू के खिलाफ फैसले पर भौचक्का हूं. हमारे विचार से 71 वर्षीय पत्रकार के खिलाफ इस तरह की कड़ी सजा का कोई आधार नहीं है." जर्मन सरकार के मानवाधिकार कमिश्नर क्रिस्टॉफ श्ट्रैसर ने भी फैसले पर हैरानी जताई है.

चीन में पत्रकारों और ब्लॉगरों को सरकारी दमन का सिर्फ इसलिए सामना करना पड़ता है कि वे खुली अभिव्यक्ति के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हैं. सरकारी वकील ने गाओ यू पर अत्यंत गोपनीय दस्तावेजों को विदेशों में स्थित ताकतों को सौंपने का आरोप लगाया था. पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह दस्तावेज नंबर 9 हो सकता है जिसमें पश्चिमी तरीके वाली प्रेस स्वतंत्रता और मानवाधिकारों के खतरों के खिलाफ चेतावनी दी गई है.

जर्मनी, फ्रांस और अमेरिका जैसे देशों के 15 राजनयिकों ने मुकदमे में उपस्थित रहने की नाकाम कोशिश की. उन्हें अदालत के कर्मचारियों ने वापस कर दिया. एक राजनयिक ने बताया, "हमसे कहा गया कि अदालत में जगह नहीं है." मानवाधिकार संगठनों ने गाओ यू की सजा की निंदा की है. एमनेस्टी इंटरनेशनल के विलियम नी ने कहा, "गाओ यू राजनीतिक बंदी हैं. उन्हें सिर्फ इसलिए हिरासत में रखा जा रहा है क्योंकि उनके विचार सरकार को चुनौती देते हैं." रिपोर्टर विदाउट बॉर्डर्स के बेंजामिन इस्माइल ने चीन के खिलाफ प्रतिबंधों की मांग की है.

न्यू यॉर्क स्थित पत्रकार संगठन सीपीजे का कहना है कि किसी और देश में इतने पत्रकार सींखचों के पीछे नहीं हैं जितने चीन में. 2014 में चीन में 44 पत्रकार जेल में थे जो अब तक की रिकॉर्ड संख्या है. गाओ यू के खिलाफ फैसला पत्रकारों पर आम तौर पर बढ़ते दबाव का प्रतीक है.

एमजे/ओएसजे (डीपीए)

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