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दुनिया

60 साल बाद खुशी और आंसू का मिलन

60 साल बाद जब उनकी मुलाकात हुई तो आंखों में आंसू, धुंधली होती यादें और कुछ पुरानी तस्वीरें ही पास थी. मुलाकात बेहद खास थी. कोरिया युद्ध के 60 साल बाद जब सैकड़ों परिवार के सदस्यों के बीच दोबारा मिलाप हुआ तो माहौल गमगीन था

उत्तर कोरिया के कुमगांग की पहाड़ियों पर स्थित एक रिजॉर्ट पर हुआ मिलन समारोह सियोल और प्योंगयांग के बीच पेचीदगी और उच्च स्तरीय वार्ता का नतीजा है. टेलीविजन पर प्रसारित वीडियो में कई लोग बेहद बूढ़े नजर आए. कई लोग इतने बूढ़े हैं कि स्ट्रेचर के सहारे उन्हें रिजॉर्ट के अंदर ले जाया गया. दक्षिण कोरिया के 82 नागरिकों को एक बस के जरिए यहां लाया गया. इस रिजॉर्ट में 180 उत्तर कोरियाई नागरिक अपने उन रिश्तेदारों का इंतजार कर रहे थे, जिनसे उनकी मुलाकात दशकों से नहीं हुई थी. हॉल के भीतर हिला देने वाले दृश्य थे. दशकों से बिछड़े भाई, बहन, चाचा, चाची और समधन एक दूसरे से लिपटकर आंसू बहाते दिखे. कई तो रोते रोते बेहोश भी हो गए.

Nordkorea Südkorea Familienzusammenführung 20.02.2014

60 सालों में पहली बार मुलाकात

सिर्फ यादें रह जाती हैं

1950-53 के संघर्ष के दौरान गर्भवती पत्नी से बिछड़े 93 वर्षीय दक्षिण कोरियाई नागरिक ने अपने 64 साल के बेटे को पहली बार देखा. उसे देख उनके पहले शब्द "कितने बड़े हो गए" थे. 60 साल बाद पिता ने अपने बेटे को पहली बार गले लगाया. दोनों की आंखों में खुशी के आंसू थे और साथ ही मिलन के सुखद अनुभव. मिलन समारोह में आए लगभग सभी लोगों के पास धुंधली तस्वीरें थीं, कुछ अपने परिवारों की नई तस्वीर भी लेकर आए थे. बारी बारी से रिश्तेदार तस्वीर देखते और फिर अचानक रोने लगते. मिलन समारोह में कुछ मुलाकात बेहद दर्दनाक साबित हुई. ली जंग सिल अपनी बड़ी बहन को तलाश करती दिखीं. जब उन्होंने अपनी बहन को देखा तो कहा, "बड़ी बहन, मैं हूं, आप मेरी बात का जवाब क्यों नहीं देतीं?" दक्षिण कोरिया की 87 वर्षीय ली यंग सिल अल्जाइमर से पीड़ित हैं. इतने सालों बाद हो रही मुलाकात को खास बनाने के लिए वे अपने रिश्तेदारों के लिए खास तोहफे भी लाए थे. तोहफों में दवाइयां, परिवार की तस्वीरें और नूडल्स थे. 85 वर्षीय किम से रिन ने कहा, "मैं अपनी बहन के लिए ऐसे तोहफें लेकर आया हूं जो उत्तर कोरिया में आसानी से नहीं मिलते. मुझे उम्मीद है कि वह खुश होंगी." 1950-53 के युद्ध के दौरान लाखों कोरियाई अपने रिश्तेदारों से बिछड़ गए थे. कई लोगों की तो अपने रिश्तेदारों से बिना मिले ही मौत हो चुकी है. साल 2000 में दक्षिण और उत्तर कोरिया ने पुनर्मिलन कार्यक्रम की योजना बनाई थी, लेकिन मिलन समारोह में शामिल होने वालों की संख्या कहीं अधिक थी. हालांकि कुछ ही लोग खुशनसीब थे कि उनकी मुलाकात अपने रिश्तेदारों के साथ हुई. पुनर्मिलन के 3800 दक्षिण कोरियाई आवेदकों की पिछले साल मौत हो गई.

एए/एएम (एपी, एएफपी)

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