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मनोरंजन

60 साल के हुए पंकज कपूर

बेहद संजीदा किरदार हो या लोगों को हंसाना हो, पंकज कपूर अभिनय की प्रतिभा से संपन्न हैं. तीस साल से भी ज्यादा से लोगों को अपने अभिनय के जादू से बांधने वाले पंकज कपूर आज 60 साल के हो गए हैं.

29 मई 1954 को पंजाब के लुधियाना में जन्मे पंकज कपूर ने 1976 में दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद वह थिएटर से जुड़ गए. पंकज कपूर ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरूआत 1982 में रिलीज हुई फिल्म 'आरोहन' से की. उसी साल प्रदर्शित बहुचर्चित फिल्म 'गांधी' में भी पंकज कपूर को काम करने का अवसर मिला.

1983 में कुंदन शाह की फिल्म 'जाने भी दो यारों' के जरिए पंकज कपूर ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना ली. इस बीच उन्होंनें 'मोहन जोशी हाजिर हों', 'मंडी', 'खामेाश', 'चमेली की शादी' जैसी फिल्मों में अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया. 1985 में पंकज कपूर ने टीवी पर प्रसारित सीरियल 'करमचंद' में जासूस की भूमिका निभाकर दर्शकों का दिल जीत दिया.

1989 की फिल्म 'राख' पंकज कपूर के करियर की महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई. इस फिल्म में आमिर खान ने भी मुख्य भूमिका निभाई थी. 'राख' हालांकि टिकट खिड़की पर सफल नही हुई लेकिन पंकज कपूर अपने दमदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किए गए.

1991 में रिलीज हुई फिल्म 'एक डॉक्टर की मौत' के लिए पंकज कपूर को राष्ट्रीय पुरस्कार, स्पेशल ज्यूरी अवार्ड दिया गया. इसके बाद 1993 में वे फिल्म 'मकबूल' के लिए भी सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किए गए.

2011 में पंकज कपूर ने अपने बेटे शाहिद कपूर को लेकर 'मौसम' का निर्देशन किया. हालांकि यह फिल्म टिकट खिड़की पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी. पिछले साल रिलीज हुई फिल्म "मटरू की बिजली का मंडोला" में भी उन्हें खूब पसंद किया गया.

आईबी/एएम (वार्ता)

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