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खेल

52 दिन में चित हुए चैंपियन

अर्जेंटीना ने दोस्ताना मैच में वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को 4-2 से धो दिया. मेसी जैसे सुपरस्टार की गैर मौजूदगी में आंखेल डी मारिया ने अर्जेंटीना को गजब धार दी और नए खिलाड़ियों से भरी जर्मन टीम को पटक दिया.

52 दिन पहले रियो डे जेनेरो के माराकाना स्टेडियम में जर्मनी ने अर्जेंटीना को 1-0 से हरा कर वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाई. अर्जेंटीना के विंगर आंखेल डी मारिया उस मैच में चोट की वजह से नहीं खेल सके. 26 साल के डी मारिया ने इसकी कसर बुधवार रात जर्मनी को उसी के मैदान पर हरा कर निकाल दी. उन्होंने गोल करने के लिए दो बेजोड़ पास दिए, जिन्हें आसानी से गोल में तबदील किया गया.

जर्मनी की कप्तानी का जिम्मा सुपरस्टार गोलकीपर मानुएल नॉयर के कंधों पर थी. हालांकि फिलिप लाम के रिटायर होने के बाद जर्मनी ने बास्टियान श्वाइनश्टाइगर को कप्तान बनाया है लेकिन चोट की वजह से श्वाइनी अर्जेंटीना के खिलाफ मैच में नहीं खेल पाए. ऐसे में नॉयर को जिम्मेदारी दी गई, जिसमें वह बुरी तरह फ्लॉप रहे.

डुसेलडॉर्फ स्टेडियम में उतरी नई नवेली जर्मन टीम के पास डी मारिया जैसे सुपरस्टार का कोई जवाब नहीं था. शुरुआत में जर्मनी ने आठ नए खिलाड़ियों को मौका दिया. फिलिम लाम, मिरोस्लाव क्लोजे और पेर मेटासाकर के वर्ल्ड कप के बाद संन्यास लेने का असर साफ तौर पर जर्मन टीम में दिखा. वहीं मिडफील्ड में मेसुत ओएत्सिल, बास्टियान श्वाइनश्टाइगर, सामी खेदीरा और डिफेंस में माट्स हुमेल्स और जेरोम बोआटेंग की गैर मौजूदगी का साफ असर दिखा.

Länderspiel Deutschland gegen Argentinien

छा गए डी मारिया

हिसाब चुकता करने के इरादे से आई अर्जेंटीना ने इसका भरपूर फायदा उठाया. हालांकि इसमें जर्मनी के स्ट्राइकर मारियो गोमेज का भी बड़ा योगदान रहा, जिन्होंने तीन बढ़िया मौके गंवाए. बाद में गोमेज की हूटिंग भी होने लगी. वहीं नए कोच की अगुवाई में दक्षिण अमेरिकी टीम ने तेज खेल दिखाया. 40वें मिनट तक दो गोल खाने के बाद जर्मन कोच योआखिम लोएव ने अपने कुछ अनुभवी खिलाड़ी उतारे. लेकिन तब तक अर्जेंटीना खेल अपनी गिरफ्त में ले चुका था.

50वें मिनट तक 4-0 से पिछड़ने के बाद जर्मनी ने वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम ने तीन खिलाड़ी मैदान पर भेजे. मेजबानों ने दो गोल उतार भी दिए. आखिरी 30 मिनट में अर्जेंटीना बेहद दबाव में भी रहा, लेकिन नतीजा 4-2 ही रहा.

पिछले सत्र में बार्सिलोना के कोच रहे जेरार्डो मार्टिनो ने वर्ल्ड कप के बाद अर्जेंटीना की कमान संभाली है. टीम के छोटे पास वाले तेज में मार्टिनो की झलक दिखी. जीत के बाद मार्टिनो ने कहा, "आंखेल डी मारिया ने दिखा दिया है कि वो दुनिया के पांच बेहतरीन खिलाड़ियों से एक हैं."

वहीं जर्मन कोच लोएव ने मैच को नए खिलाड़ियों की तलाश का अभियान बताया, "यह कोई बदला नहीं है, आप वर्ल्ड कप को दोबारा नहीं ला सकते. मैं इस टीम पर कोई आरोप नहीं लगा सकता, उन्होंने पहले कभी एक साथ खेला ही नहीं है." हालांकि इस मैच में जर्मन कोच ने दो बढ़िया नए खिलाड़ियों की पहचान जरूर की. 21 साल के एंटोनियो रुडिंगर आने वाले सालों में बेहतरीन डिफेंडर बन सकते हैं. 23 साल के क्रिस्टोफ क्रामर को भी अटैकिंग मिडफील्ड का स्टार बताया जा रहा है.

ओएसजे/एजेए (डीपीए, एएफपी)

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