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ताना बाना

5 मिनट की देरी से 40 अरब का ठेका छूटा

अमेरिकी कंपनी यूएस एयरोस्पेस का कहना है कि उसका अरबों डॉलर का ठेका इस वजह से छूट गया क्योंकि उसकी बोली पांच मिनट देरी से पहुंची. इसके लिए कंपनी ने अमेरिकी एयरफोर्स को जिम्मेदार ठहराया है.

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अमेरिका एयरफोर्स पर डाली जिम्मेदारी

यूएस एयरोस्पेस ने पेंटागन को रिफ्यूलिंग टैंकर देने के ठेके के लिए बोली लगाई. इसमें रूस-यूक्रेन की कंपनी अंटनोव भी उसकी साझेदार थी. लेकिन एयरोस्पेस का कहना है कि अमेरिकी एयरफोर्स ने उसकी बोली को सही वक्त पर नहीं पहुंचाया इसलिए ठेका उसके हाथ से जाता रहा.

अमेरिकी कांग्रेस की जांच करने वाली शाखा जनरल अकाउंटिंग ऑफिस में दाखिल एक अर्जी में एयरोस्पेस ने इस मामले की शिकायत की है. 40 अरब डॉलर का यह भारी भरकम ठेका आखिर में अमेरिकी कंपनी बोइंग और यूरोप की एयरबस को मिला.

कंपनी ने कहा, "हमारा प्रस्ताव 9 जुलाई 2010 को एक आदमी के हाथों पहुंचाया गया. हमारा आदमी तय समय 2 बजे से आधा घंटा पहले ही जगह पर पहुंच गया. पहले तो एयरफोर्स के अधिकारियों ने हमारे आदमी को अंदर ही नहीं आने दिया. फिर उसे गलत रास्ता बता दिया गया. उसके बाद कहा गया कि इंतजार कीजिए."

अपनी शिकायत में कंपनी ने कहा, "आधिकारिक तौर पर हमारी बोली 2 बजकर 5 मिनट पर रिसीव की गई, लेकिन यह तय समय से काफी पहले एयरफोर्स के पास पहुंच चुकी थी."

कंपनी का कहना है कि एयरफोर्स के उसके पूर्व यूरोपीय सहयोगी के साथ कुछ मुद्दों पर मतभेद हैं इसलिए उन्होंने उसकी बोली के मामले में जानबूझ कर देर कर दी. कैलिफोर्निया में स्थित कंपनी एयरोस्पेस आजकल आर्थिक परेशानी का सामना कर रही है.

इस ठेके के लिए बोइंग और एयरबस के बीच महीनों से झगड़ा चल रहा था. लेकिन तय समय से सिर्फ एक हफ्ता पहले एयरोस्पेस ने बोली लगाने की घोषणा की. कंपनी का कहना है कि एयरबस के लिए आखिरी तारीख को 60 दिनों तक बढ़ा दिया गया, लेकिन हमारे लिए समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया गया. इससे पता चलता है कि अमेरिकी एयरफोर्स के कुछ सदस्यों का व्यवहार उचित नहीं रहा.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः ए कुमार

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