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जर्मन चुनाव

39 बीवियों वाले वोटर पर नजर

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव के दौरान आम तौर पर लोग प्रत्याशियों के बारे में जानना चाहते हैं, लेकिन पूर्वोत्तर भारत के एक वोटर के बारे में प्रत्याशी जानना चाहते हैं क्योंकि उसकी 39 पत्नियां हैं.

आइजोल के जियोनजाखा चाना को इन 39 पत्नियों से 127 बच्चे हैं. और अगर इस कुनबे को जोड़ लिया जाए, तो दूर दराज मणिपुर में वह मतदान प्रभावित करने वाले बड़े ब्लॉक साबित हो जाते हैं.

अपने भरे पूरे परिवार के लिए चाना को 100 कमरों वाले मकान में रहना पड़ता है. उनका कहना है, "हमने देखा कि पिछले कुछ दिनों में उम्मीदवार अचानक वोट मांगने आने लगे." राजधानी आइजोल से कुछ दूर बक्ताओंग पहाड़ी में उनका घर है.

सत्तर साल के चाना का कहना है, "हर बार के चुनाव में हमारी मांग बढ़ जाती है क्योंकि इस राज्य में जीतने वाले प्रत्याशियों के जीत का अंतर बहुत कम होता है और ऐसे में 100 वोटों से भी बड़ा फर्क पड़ जाता है." मणिपुर में भारत के 81 करोड़ मतदाताओं का एक फीसदी हिस्सा भी नहीं रहता.

चाना की एक पत्नी रिंकमिनी का कहना है, "जब हम वोट डालने जाते हैं, तो हम सभी एक ही उम्मीदवार या पार्टी के लिए वोट देते हैं. यानि सिर्फ एक परिवार से 160 वोट किसी एक उम्मीदवार को मिल जाता है." दूसरे वोटरों की तरह चाना का परिवार भी इस बार के चुनाव में भ्रष्ट नेताओं को खत्म करना चाहता है.

वोटर के तौर पर अब तक 14 लोकसभा चुनाव देख चुके चाना कहते हैं, "हम सिर्फ अच्छी सरकार चाहते हैं ताकि राज्य का भला हो सके. ऐसा न हो कि सिर्फ नेताओं के परिवारों का ही भला हो."

चाना एक खास समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जहां कई शादियों की इजाजत है. यह समुदाय उनके दादा ने 1930 के दशक में शुरू किया था. इसकी चार पीढ़ियों में करीब 1700 लोग हैं. इनमें से ज्यादातर बढ़ई या कुम्हार का काम करते हैं.

एजेए/एमजी (एएफपी)

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