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दुनिया

इटली ने गलती से 3 भारतीय छात्रों को पकड़ लिया

तीन भारतीय स्टूडेंट्स को इटली की पुलिस ने गलती से गिरफ्तार कर लिया. हालांकि भारतीय दूतावास की दखलअंदाजी पर कुछ घंटे की हिरासत के बाद उन्हें छोड़ दिया गया.

भारत के ये तीन छात्र आईआईटी में पढ़ते हैं. वे इटली घूमने आए हैं. उन्हें फ्रांस और इटली की सीमा पर वेंटीमिगलिया कस्बे में पुलिस ने हिरासत में ले लिया. हालांकि बाद में जब भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने बात की तो उन्हें छोड़ दिया गया.

अक्षत गोयल और दीपक भट्ट आईआईटी दिल्ली में पढ़ते हैं तो उनके तीसरे साथी उदय कुसुपाती आईआईटी मुंबई के छात्र हैं. वे लोग टूरिस्ट वीसा पर इटली घूमने आए हैं. उनके पास शेनगन वीसा है जो यूरोपीय संघ के शेनगन इलाके में वैध होता है. तीनों के पास वैध पासपोर्ट हैं.

हिरासत में लेने के बाद पुलिस तीनों छात्रों को एक हजार किलोमीटर दूर इटली के दक्षिणी कस्बे बारी ले गई. हिरासत में लिए गए कुछ अन्य लोगों के साथ उन्हें विमान से बारी ले जाया गया था. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि इटली के अधिकारियों ने अपनी गलती मान ली है. उन्होंने कहा कि इटली के अधिकारियों ने माना है कि छात्रों के पास सभी वैध दस्तावेज थे और उन्हें हिरासत में लेना एक गलती थी. स्वरूप ने बताया कि भारतीय अधिकारियों ने सख्ती से अपनी बात इटली के अधिकारियों के सामने रखी है.

रोम में भारतीय दूतावास के अधिकारियों को घटना की जानकारी अक्षत के एक रिश्तेदार से मिली. अधिकारियों ने फौरन इटली के गृह मंत्रालय से और वेंटीमिगला में पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया. बारी से छात्रों को छुड़ाकर 31 मई को पहले रोम में भारतीय दूतावास में लाया गया. वहां से उनकी यात्रा के अगले पड़ाव फ्रांस के नीस के लिए भेज दिया गया. नीस में तीनों छात्र एक यूनिवर्सिटी में इंटर्नशिप करने आए हैं.

स्वरूप ने बताया, "भारतीय दूतावास ने पूरी कड़ाई के साथ इस मुद्दे को इटली के अधिकारियों के सामने उठाया है. वे लोग अधिकारियों के संपर्क में हैं ताकि ऐसे कदम उठाए जाएं कि भारतीयों के साथ इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों."

इटली और भारत के संबंधों में कुछ समय से तनाव चल रहा है. इटली के दो नौसैनिकों पर भारत में हत्या का मुकदमा चल रहा है. 2012 में इतालवी नौसैनिकों ने भारतीय समुद्री सीमा में केरल के दो मछुआरों को गोली मार दी थी. उन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था. उनमें से एक मासिमिलियानो लातोरे को इलाज के लिए पहले ही स्वदेश भेजा जा चुका था जबकि पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने उनके साथी सल्वातोरे जिरोने को भी स्वदेश लौटने की इजाजत दे दी थी. इटली और भारत के बीच इस बात को लेकर विवाद है कि मुकदमा दिल्ली में चलना चाहिए या नहीं. ऐसे में तीन भारतीय छात्रों की गिरफ्तारी ने दोनों देशों के अधिकारियों के होश उड़ा दिए थे. हालांकि बाद में मामला सामान्य गलती का निकला.

वीके/ओएसजे (पीटीआई)

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