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दुनिया

28 सितंबर को कर सकता है उत्तर कोरिया नए प्रमुख का चुनाव

उत्तर कोरिया की वर्कर्स पार्टी 28 सितंबर को एक बैठक का आयोजन कर रही है जिसमें देश के लिए नए नेता की घोषणा की जाएगी. विश्लेषकों का कहना है कि प्रमुख किम जोन्ग इल के बेटे किम जोन्ग उन को उत्तराधिकार सौंपा जाएगा.

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बेटे के साथ किम जॉन्ग उन

सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के मुताबिक बैठक का आयोजन उत्तर कोरिया की राजधानी प्यॉंगयांग में किया जाएगा. लेकिन बैठक में किन मुद्दों के बारे में चर्चा होगी, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा रहा है. केसीएनए के अनुसार स्थानीय तौर पर भी पार्टी बैठकों का आयोजन किया गया है जिसमें केंद्रीय बैठक के लिए प्रतिनिधियों को चुना गया.

1980 के बाद पहली बार उत्तर कोरिया इस तरह का सम्मेलन का आयोजन कर रहा है. 1980 में उत्तर कोरियाई नेता किम जोन्ग इल देश के प्रमुख के रूप में सामने आए थे. उस वक्त वह 38 साल के थे.

Familienfoto Nordkorea Kim Jong Il mit Frau Tochter und Söhnen 1981

परिवार सहित किम जॉन्ग(1981)

विश्लेषकों का मानना है कि किम जोन्ग इल अपने पद से पूरी तरह पीछे नहीं हटेंगे क्योंकि उनके बेटे के पास सरकार चलाने लायक अनुभव नहीं है. माना जा रहा है कि किम जोन्ग उन की सत्ता में शुरुआत छोटे पद से होगी, लेकिन किसी भी तरह की नियुक्त इस बात का संकेत है कि इल अपने पुत्र को देश का नया नेता बनाना चाहते हैं. उनकी बिगड़ती सेहत को इस बदलाव की एक वजह माना जा रहा है.

किम जोन्ग उन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी पढ़ाई स्विट्जरलैंड में की है. बैठक की घोषणा लगभग 15 दिन पहले कर दी गई थी लेकिन पिछले सप्ताह उत्तर कोरिया में बाढ़ आने की वजह से इसे टाल दिया गया. विश्लेषकों का कहना है कि किम जोन्ग इल का बिगड़ता स्वास्थ्य भी बैठक को टालने का कारण हो सकता है.

उधर उत्तर कोरिया के पड़ोसी देश हालात को करीब से देख रहे हैं. कई आलोचकों का कहना है कि सत्ता में बदलाव से उत्तर कोरिया की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान में बदलाव नहीं आएगा. अमेरिका ने पिछले महीने उत्तर कोरिया के खिलाफ और प्रतिबंध लगाए, जब दक्षिण कोरिया के एक जहाज के डुबाने को वाली तहकीकात के नतीजे सामने आए. उत्तर कोरिया ने जहाज पर हमला करने से इनकार किया है. लेकिन वॉशिंगटन सहित जापान और दक्षिण कोरिया उत्तर कोरिया को हादसे का जिम्मेदार मान रहे हैं. नौसेना के युद्धपोत पर किए गए उस हमले में 46 लोग मारे गए थे. अमेरिका का कहना है कि देश के साथ संबंधों में बदलाव तभी आएंगे जब उत्तर कोरिया परमाणु निरस्त्रीकरण पर पूरी तरह ध्यान देगा.

रिपोर्टःएजेंसियां/एमजी

संपादनः ओ सिंह

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