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दुनिया

26/11 की गवाह को स्कूल में दाखिले से इनकार

मुंबई हमलों की सबसे कम उम्र की गवाह को स्कूल ने एडमिशन देने से ही इनकार कर दिया. स्कूल अधिकारियों का कहना है कि उसे स्कूल में लेने पर आतंकी धमकियां मिल सकती हैं.

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मुंबई पर हमला

11 साल की बच्ची जिसने अगस्त 2008 में मुंबई हमले के केस में गवाही दी और अजमल कसाब को पहचाना था. उसे एक निजी स्कूल ने दाखिला देने से मना कर दिया है. देविका रोटवान के पिता नटवरलाल रोटवान के हवाले से पीटीआई समाचार एजेंसी ने लिखा है कि देविका को बांद्रा के न्यू इंग्लिश हाईस्कूल ने एडमिशन देने से मना कर दिया है. स्कूल के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें आतंकी धमकी मिल सकती है क्योंकि उसने मुंबई हमले के मुकदमे में गवाही दी थी.

Mohammed Ajmal Kasab

देविका ने कसाब को पहचाना

11 साल की देविका छत्रपति शिवाजी टर्मिनल में 26 नवंबर 2008 को हमले में घायल हुई थी. उसने रेलवे स्टेशन पर गोलियां चला रहे अजमल कसाब को अदालत में पहचाना था.

देविका के पिता ने कहा, पहले तो स्कूल अधिकारियों ने कहा कि वे उसे पांचवी कक्षा में भर्ती कर लेंगे लेकिन उसके बाद उन्होंने कहा कि एडमिशन फॉर्म के साथ सरकार से एक चिट्ठी लेकर आओ जिसमें लिखा हो कि मेरी लड़की मुंबई हमले के दौरान घायल हुई थी और उसे इस स्कूल में एडमिशन दी जाए.

व्यापारी और देविका के पिता का कहना था कि वे पत्र लेने की कोशिश कर रहे हैं और साथ ही स्कूल अधिकारियों से अनुरोध भी किया कि इस दौरान लड़की को स्कूल में भर्ती करवाया जाए लेकिन अधिकारियों ने रूखे शब्दों में इससे इनकार कर दिया.

रिपोर्टः एजेंसियां/आभा एम

संपादनः एन रंजन