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ताना बाना

26/11के दौरान लश्कर ने कंट्रोल रूम से दिए निर्देश

एक कमरे में कंप्यूटर, टेलिविजन, वॉयस ऑवर इंटरनेट फोन, सैटेलाइट फोन. अमेरिकी रिपोर्ट के मुताबिक 26 नंवबर 2008 को हुए हमलों के दौरान लश्कर ए तैयबा ने कंट्रोल रूम बनाया जहां से आतंकियों को बताया गया कि उन्हें क्या करना है.

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वॉशिंगटन पोस्ट और प्रोपब्लिका के मुताबिक लश्कर ए तैयबा ने दूरदराज के किसी सुरक्षित स्थान पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया था जहां से आतंकवादियों को कहर बरपाने के निर्देश दिए जा रहे थे. भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों को शक है कि कमांड सेंटर लाहौर या कराची में बनाया गया था. अमेरिका में आतंकवाद विरोधी शाखा के अधिकारियों का कहना है कि मुंबई आतंकी हमले के जिम्मेदार अब भी कानून की पकड़ से दूर हैं.

Terror in Mumbai

वैसे तो 26/11 हमलों की जांच का नया केंद्र बिंदु पाकिस्तानी अमेरिकी डेविड हेडली है लेकिन नई रिपोर्ट का दावा है कि हमलों का मास्टरमांइड साजिद मीर है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तान ने साजिद मीर को पकड़ने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है क्योंकि मीर के ताकतवर लोगों के साथ अच्छे संबंध हैं. मुंबई हमलों में 166 लोगों और 9 आतंकियों की मौत हो गई थी और एक आतंकी अजमल कसाब को जिंदा पकड़ लिया गया था.

लश्कर के कंट्रोल रूम के बारे में अखबार लिखता है कि इस कमरे में कंप्यूटर, टेलिविजन, वीओआईपी फोन और सैटेलाइट फोन थे जिन्हें साजिद मीर और उसके पांच साथी संभाल रहे थे. वॉशिंगटन पोस्ट का दावा है कि साजिद मीर ने ही नंवबर 2008 में मुंबई में हमले के दौरान निर्देश दिए. हमले से पहले साजिद मीर ने हेडली के साथ मिलकर दो साल तक मुंबई के अहम ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई.

भारतीय खुफिया अधिकारियों ने हमले के दौरान लश्कर से जुड़े तमाम नंबरों को टैप करना शुरू किया और करीब 300 फोन कॉल रिकॉर्ड की. रिपोर्ट के मुताबिक अधिकतर कॉल मीर की ओर से की गई और हेडली की वजह से उसे ठिकानों के बारे में अच्छी खासी जानकारी थी.

कंट्रोल रूम से साजिद मीर के साथी आतंकियों को बताते रहे कि उनके हमले पर मीडिया में कैसे कवरेज हो रही है. एक अमेरिकी अधिकारी का कहना है कि वह ताज महल होटल को जलते हुए देखना चाहते थे. यह सब मीडिया कवरेज को ध्यान में रखते हुए किया गया.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: एन रंजन