21वीं सदी के भारत में डायन की हत्या | दुनिया | DW | 26.07.2015
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दुनिया

21वीं सदी के भारत में डायन की हत्या

पूर्वोत्तर राज्य असम में एक महिला की डायन बताकर क्रूरता से हत्या कर दी गयी. 21वीं सदी के विकासशील भारत के मुंह पर यह एक कलंक है.

भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में एक 63 वर्षीय महिला को चुड़ैल बता कर मार डाला गया. लोगों ने मोनी ओरांग नामक महिला पर जादू टोना करने का आरोप लगाया था. सात लोगों को कानून हाथ में लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. मृतका ओरांग पांच बच्चों की मां थीं और उन्हें घर से बाहर निकाल कर सरेआम सिर काट कर मार डाला गया. पुलिस अधिकारी मनबेंद्र देव राव ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, "हमलावर छुरे और ऐसे कई धारदार हथियार लेकर गांव में मोनी ओरांग के घर पहुंचे और उन्हें बाहर निकाल कर क्रूरता से उनकी हत्या कर डाली."

पुलिस ने बताया कि ना सिर्फ उनका सिर धड़ से अलग था, बल्कि उनके अंग भी काट डाले गए थे. इतने क्रूर अपराध के बाद भी गांव वालों ने उस पुलिस स्टेशन का घेराव किया जहां गिरफ्तार आरोपियों को रखा गया है. गांव के किरण तेरोंपी ने कहा, "मोनी एक डायन थी और उसने अपने सभी दुश्मनों पर जादू टोना कर दिया था." मृतका के पति आर ओरांग ने बताया कि उनकी पत्नी "एक मासूस महिला" थी और पुजारी ने उनके खिलाफ "शक पैदा करने और भड़काने" का काम किया.

आज भी देश के कई हिस्सों में लोग जादू टोने पर विश्वास करते हैं. कई मामलों में महिलाओं को सजा के तौर पर नंगा किया जाता है, जिंदा जला दिया जाता है और कई बार ओरांग जैसे मामलों में उनके घर से लाकर मार डाला जाता है. झारखंड जैसे कुछ राज्यों में इसे रोकने के लिए विशेष कानून बनाए गए हैं, फिर भी हालात सुधर नहीं रहे हैं.

आरआर/आईबी (एएफपी)

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