1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

ताना बाना

2018 और 2022 वर्ल्ड कप की मेजबानी का फैसला आज

2018 और 2022 फुटबॉल वर्ल्ड कप के मेजबान देश तय करने की मैराथन रेस आज पूरी होने जा रही है. फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा वोट के जरिए यह फैसला करेगी कि फुटबॉल की दुनिया के सबसे बड़े आयोजन की कौन से देश मेजबानी करेंगे.

default

फुटबॉल वर्ल्ड कप की मेजबानी पाने के लिए सालों से चल रहा प्रचार और कोशिशें गुरुवार को समाप्त हो जाएंगी. फीफा की कार्यकारी समिति के 22 सदस्य सीक्रेट बैलेट के जरिए दो मेजबान देशों का फैसला करेंगे. इंग्लैंड, रूस, स्पेन/पुर्तगाल, नीदरलैंड्स/बेल्जियम एक प्रस्तुति के जरिए 2018 फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए आखिरी बार अपना दावा पेश करेंगे. उसके बाद वोटिंग शुरू होगी.

वोटिंग का दौर तब तक जारी रहेगा जब तक किसी एक उम्मीदवार को बहुमत नहीं मिल जाता. ज्यूरिख में हो रही इस वोटिंग से फैसला भारतीय समयानुसार रात साढ़े आठ बजे के आस पास आने की उम्मीद है.

वर्ल्ड कप मेजबानी के फैसले के लिए होने वाली यह सबसे विवादस्पद वोटिंग है. फीफा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं जिसके चलते दो कार्यकारी समिति के दो सदस्यों को निलंबित किया जा चुका है. फीफा के अध्यक्ष सेप ब्लैटर ने माना है कि दो वर्ल्ड कप के लिए एक साथ वोटिंग कराना गलत फैसला था जिसके चलते खरीद फरोख्त की संभावना बढ़ गई.

2018 के वर्ल्ड कप की दावेदारी के लिए इंग्लैंड, रूस और स्पेन/पुर्तगाल में जबरदस्त मुकाबला चल रहा है. नीदरलैंड्स/बेल्जियम की उम्मीदवारी को इतनी अहमियत नहीं दी जा रही है. बुधवार को रूस के प्रधानमंत्री व्लादीमीर पुतिन ने इंग्लैंड की दावेदारी पर इशारों इशारों में हमला बोलते हुए कहा कि मीडिया में फीफा में व्याप्त भ्रष्टाचार की जो खबरें आई हैं वे जानबूझकर फैलाई जा रही हैं. इंग्लैंड के अधिकारियों ने पुतिन के इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं जताई है.

2022 के वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कतर, दक्षिण कोरिया और जापान मुकाबले में हैं और सभी देश अपनी आखिरी दावेदारी पेश कर चुके हैं. 2022 के वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और कतर को आगे समझा जा रहा है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: वी कुमार

DW.COM

WWW-Links