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दुनिया

2009 के बाद सबसे खराब स्थिति में सोना

साल की तीसरी तिमाही में दुनिया भर में सोने की चमक फीकी पड़ गयी है. प्रमुख बाजार भारत में घटी खरीदारी ने दुनिया भर में सोने की बिक्री पर असर डाला है.

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल यानि डब्ल्यूजीसी ने गुरुवार को बताया कि सितंबर महीने के आखिर में दुनिया में सोने की मांग पिछले साल की तुलना में 915 टन घट गयी जो 2009 के बाद सबसे कम है. डब्ल्यूजीसी के निदेशक जॉन मुलिगन ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, "मांग के कमजोर होने के पीछे पहला और सबसे अहम कारण भारत था. अगर आप आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत में 2016 की तीसरी तिमाही की तुलना में इस साल गहनों की मांग 25 फीसदी कम थी जबकि सिक्कों की मांग 23 फीसदी घटी."

Flash-Galerie Indien Lichtfest Diwali (dapd)

भारत दुनिया में सोने का सबसे बड़ा खरीदार है और उसके आगे सिर्फ चीन है. मांग में कमी के पीछे सरकार के उठाये कुछ कदमों को जिम्मेदार माना जा रहा है. इसमें नये कर ढांचे और हवाला के जरिये होने वाले लेनदेन के विरुद्ध बनाये गये नियमों का नाम लिया गया है. चीन में सोने के गहनों की मांग इसी दौर में 13 फीसदी बढ़ी जबकि सोने के सिक्के में करीब 57 फीसदी का उछाल आया है. 

ब्रिटेन में मांग पर ब्रेक्जिट को लेकर मची ऊहापोह का असर हुआ है. ग्राहक इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर होने का आर्थिक असर क्या होगा. इस दौरान सबसे अच्छा प्रदर्शन अमेरिका का रहा. गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, "26.9 टन के साथ अमेरिका ने 2012 के बाद से इस तिमाही में सबसे बड़ी मांग देखी." काउंसिल ने यह भी कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में "अच्छी आर्थिक स्थिति और रोजगार के बेहतर हालात ने ग्राहकों की भावनाओं का साथ दिया."

एनआर/आईबी (एएफपी)

 

  

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