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दुनिया

150 हत्याओं के लिए जिम्मेदार अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर की मौत

"बॉस ऑफ बॉसेज" और "द बीस्ट" के नाम से कुख्यात गैंगस्टर टोटो रीना की जेल में मौत हो गयी. सिसली के माफियाओं में सबसे ज्यादा हिंसक और दुर्दांत गॉडफादर एक साथ 26 उम्र कैदों की सजा काट रहा था.

1970 के दशक में कोसा नोस्ट्रा नाम के अंडरवर्ल्ड गैंग की कमान संभालने वाले रीना के बारे में कहा जाता है कि उसने 150 से ज्यादा हत्याओं के लिए आदेश दिये थे. इसमें कई हाइप्रोफाइल लोगों की हत्या भी शामिल थी. 1992 में माफिया विरोधी जज जोवानी फाल्कन और पाओलो बोर्सेलिनो का भी नाम इन लोगों में है. इन दोनों ने 1987 में निडर होकर 300 से ज्यादा अपराधियों पर मुकदमा चलाया था.

5 फीट 2 ईंच लंबे रीना को उसके छोटे कद के कारण "यू कुर्तु" यानि शॉर्टी भी बुलाया जाता था. कई सालों तक वह अपराधी गैंग से अपने रिश्तों को नकारता रहा. उसके गुट की समाज के हर तबके तक पहुंच थी और इसलिए इस गैंग को "ऑक्टोपस" भी कहा जाता था. 2009 में आखिरकार उसने अपनी चुप्पी तोड़ी और गैंग के साथ अपने रिश्ते पर से पर्दा उठाया. इससे पहले तक माना जाता था कि ये राज उसकी मौत के साथ ही दफन हो जाएगा. इस साल यह भी कहते सुना गया कि उसे, "किसी बात का अफसोस नहीं. वो मुझे कभी नहीं तोड़ पायेंगे, अगर वो मुझे 3000 साल जेल में रखें तो भी नहीं."

एक गरीब किसान के घर में 16 नवंबर 1930 को पैदा हुए रीना का जन्म कोरलियोने में हुआ. यह गांव उसी इलाके में है जिसे फ्रांसिस फोर्ड कोपोला की मशहूर फिल्म में गॉडफादर के चरित्र की जन्मभूमि दिखाया गया है. माना जाता है कि रीना ने पहली हत्या 19 साल की उम्र में की थी उसी साल उसने बहस के दौरान एक और शख्स को मार दिया. इसके बाद उसे नरसंहार के अभियोग में छह साल की जेल की सजा हुई. वहां से बाहर निकालने के बाद वह लुसियानो लेगियो नाम के गैंगस्टर का सिपाही बन गया. 1970 के दशक में जब सिगार पीने वाले भगोड़े लुसियानो को पुलिस ने पकड़ लिया तो रीना इस गैंग का सरदार बना.

रीना खुद भी 1969 से भागता फिर रहा था लेकिन छिपे रह कर भी उसने कोरलियोने पर अपना दबदबा बनाये रखा. फिलिप्पो मारकेस जैसे अपने प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बना कर उसने अपना प्रभाव बढ़ाया. करीब 25 सालों तक पुलिस उसका पीछा करती रही और वह उन्हें चकमा देता रहा. इस दौरान वह सिसली में ही रहा और कोसा नोस्ट्रा की नशीली दवाओं की तस्करी से लेकर, अपहरण और ठगी जैसे धंधों का नेतृत्व करता रहा. हालांकि 1980 के दशक में माफिया जंग में उसकी जीत ही उसकी हार की वजह बनती गयी. उसके हाथों परास्त हुए गैंग के लोग उसके खिलाफ सरकारी गवाह बन गये और आखिरकार पुलिस ने पालेर्मो के एक घर से उसे गिरफ्तार कर लिया. हालांकि उसके बाद भी उसकी करतूतें बंद नहीं हुईं. जेल के भीतर रह कर ही रीना ने 13 साल के एक बच्चे की हत्या का आदेश दिया ताकि उसके पिता को माफिया गैंग के बारे में जानकारी लीक करने से रोका जा सके. उस बच्चे का गला घोंट कर उसके शव को एसिड से गला दिया गया.

रीना को गिरफ्तार करने के बाद एक नया माफिया विरोधी कानून बना जिसमें गैगस्टरों को काल कोठरी में रखने का नियम बनाया गया. रीना की गिरफ्तारी और इस कानून का बदला लेने के लिए उसके गुट ने रोम, मिलान और फ्लोरेंस में बम धमाके किये जिनमें 10 लोगों की मौत हो गयी.

कई सालों तक उसकी मुलाकात सिर्फ उसके वकीलों से होती रही. बाद में ढलती उम्र और कैंसर की चपेट में आने के बाद जुलाई 2017 में उसने गंभीर बीमारी की बुनियाद पर जेल से रिहा करने की मांग लेकिन उसे ठुकरा दिया गया. जेल के डॉक्टरों ने उसके मेडिकल कोमा में जाने की बात कही तब गुरुवार को उसके परिवार के लोगों को उससे आखिरी बार मिलने के लिए इटली के स्वास्थ्य मंत्री ने छूट दी.

रीना ने अंतोनियेटा बागारेला से शादी की थी जो पेशे से टीचर थी. रीना के चार बच्चे हैं जिनमें से एक चार हत्याओं के जुर्म में जेल में सजा काट रहा है. गुरुवार के उसके बेटे साल्वो ने फेसबुक पर लिखा, "मेरे लिये तुम टोटो रीना नहीं केवल मेरे डैड हो. मैं तुम्हें इस दुखद लेकिन अहम दिन को जन्मदिन की बधाई देता हूं, आई लव यू."

एनआर/एमजे (एएफपी)

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