1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

12 साल के बच्चों को भी जेल होगी

इस्राएल की संसद ने एक विवादास्पद बिल पास किया है. बिल के तहत आतंकवाद के मामलों में 12 साल के बच्चों को भी जेल की सजा दी जाएगी.

'यूथ बिल' के कानून बनने के बाद प्रशासन 12 साल के बच्चों को भी वयस्कों की तरह कड़ी सजा देगा. नए कानून में हत्या, हत्या की कोशिश और नरसंहार के मामलों के दोषी बच्चों को कोई रियायत न देने का प्रावधान है.

इस्राएली नेताओं के मुताबिक हाल के समय में बढ़े हमलों के बाद अधिक आक्रामक कदम उठाने की जरूरत पड़ी है. प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के नेता अनात बेर्को के मुताबिक, बिल उनके लिए है, "जिनके दिल पर चाकू मारकर उन्हें मौत के घाट उतारा गया, इससे फर्क नहीं पड़ता कि बच्चा 12 का है या 15 का."

अक्टूबर 2015 से इस्राएल और फलीस्तीन में हिंसक हमलों की बाढ़ सी आई है. जगह जगह इस्राएली नागरिकों पर चाकुओं से हमले हुए हैं. ज्यादातर मामलों में हमलावर नाबालिग थे.

अक्टूबर से अब तक वहां 219 फलीस्तीनियों और 34 इस्राएलियों समेत चार विदेशी नागरिक मारे जा चुके हैं. ज्यादातर युवाओं की मौत हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान इस्राएली सेना की गोली से हुई.

इस्राएली मानवाधिकार संस्था बीतस्लेम ने नए कानून की आलोचना की है. संस्था ने एक बयान जारी कर कहा, "जेल के बजाए इस्राएल के लिए उन्हें स्कूल भेजना ज्यादा बेहतर होता, जहां बिना किसी कब्जे के सम्मान और आजादी के साथ जीना सीखते. ऐसे नाबालिगों को कैद करने से उनके बेहतर भविष्य की संभावना नकारी जाती है."

´(देखिये: गाजा के नीचे क्या है?)

DW.COM

संबंधित सामग्री