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दुनिया

होएनेस को टैक्स चोरी मामले में जेल

जर्मन फुटबॉल की जानी मानी हस्ती ऊली होएनेस को टैक्स चोरी मामले में साढ़े तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई है. नैतिकता की मूर्ति माने जाने वाले बायर्न म्यूनिख के मुखिया से किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि वे टैक्स चोरी करेंगे.

ऊली होएनेस जैसा बेहद सफल, लोकप्रिय और महत्वाकांक्षी व्यक्ति, जो एक बार प्लेन हादसे से भी बाल बाल बच कर निकल चुका है, 62 साल की उम्र में जनता की नजरों में गिरने से नहीं बच सका. होएनेस को म्यूनिख की अदालत के साढ़े तीन साल की सजा सुनाए जाने के साथ ही उनका बेहतरीन करियर यहीं खत्म माना जा रहा है. होएनेस के पास अभी भी इस मामले में अपील का विकल्प बचा हुआ है. उनके वकील ने सजा के खिलाफ अपील करने की घोषणा की है.

एक किशोर के रूप में होएनेस का सिर्फ एक ही जुनून था और वह था फुटबाल. बेहद अनुशासित और प्रतिभाशाली खिलाड़ी के रूप में होएनेस की पहचान काफी कम उम्र में ही बन गई थी. कई लोग होएनेस के उन दिनों को याद करके बताते हैं कि वह तब तक फुटबॉल का अभ्यास करते थे जब तक थकान से चूर होकर गिर न पड़ें. सिर्फ 18 साल की उम्र में होएनेस ने बायर्न म्यूनिख के लिए खेलना शुरु कर दिया. 27 साल की उम्र में घुटनों की चोट से तंग आकर उन्हें खेलना बंद करना पड़ा. लेकिन उनके क्लब ने उन्हें सबसे कम उम्र का मैनेजर बना दिया.

सोमवार को जब होएनेस के मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई तो पूरी दुनिया की मीडिया की नजर इस मुकदमे पर थी. माना जा रहा था कि होएनेस इस बार भी आरोपों का खंडन ही करेंगे. लेकिन अदालत के सामने टैक्स चोरी की बात स्वीकार कर उन्होंने सबको चौंका दिया. उन्होंने माना कि गुप्त स्विस बैंक अकाउंट की मदद से उन्होंने 1.85 करोड़ यूरो की टैक्स चोरी की. यह राशि उन पर सरकारी वकील द्वारा लगाए गए इल्जाम से तीन गुना ज्यादा थी. सरकारी वकील द्वारा दर्ज की गई चार्जशीट में कहा गया है कि होएनेस ने 2003 से 2009 के बीच 3.35 करोड़ यूरो की आमदनी का ब्योरा नहीं दिया जिस पर उन्हें 35 लाख यूरो का टैक्स चुकाना था. माना जा रहा था कि होएनेस गुनाह कबूल कर जेल जाने से बचना चाहते हैं.

रास्ते से भटका फुटबॉल देव

पिछले साल जनवरी में अपने एक स्विस खाते के बारे में होएनेस ने खुद ही बताया था. स्विस खाते में उनके नाम जमा रकम पर टैक्स न देने के मामले में जांच के बाद होएनेस को 20 मार्च को गिरफ्तार कर लिया गया. बाद में उन्हें 50 लाख यूरो की जमानत पर रिहा कर दिया गया. इसी साल अप्रैल में एक पत्रिका को दिए इंटरव्यू में होएनेस ने माना कि स्विस बैंकों के गोपनीयता कानूनों के कारण उन्होंने लाखों यूरो जर्मन टैक्स अधिकारियों की नजर से बचाए. होएनेस का कहना है कि जमा न किए टैक्स के बारे में सबसे पहले वह खुद अधिकारियों को जानकारी देने गए. उन्हें उम्मीद थी कि जर्मनी और स्विटजरलैंड के बीच टैक्स समझौते की वजह से वह मामले को एक बार में टैक्स देकर बिना किसी परेशानी के सुलझा लेंगे.

अपने कार्यकाल में उन्होंने बायर्न को यूरोपीय फुटबॉल का पावरहाउस बना दिया है. बायर्न पिछले पांच सालों में चौथी बार चैंपियंस लीग फाइनल में पहुंचने की राह पर है. होएनसे ने बवेरियाई क्लब के साथ खिलाड़ी, टीम मैनेजर और अध्यक्ष के रूप में 40 साल से ज्यादा गुजारे हैं. 2009 से वह इस क्लब के अध्यक्ष हैं. बहुत आलोचनाएं हुईं तो मई में होएनेस ने इस्तीफा देने का प्रस्ताव रखा जिसे क्लब के सुपरवाइजरी बोर्ड ने खारिज कर दिया.

जर्मनी के सबसे सफल फुटबॉल क्लब के प्रमुख होने के अलावा होएनेस की एक सॉसेज कंपनी भी है. 2005 में बिल्ड अखबार से बातचीत में होएनेस ने कहा था कि "मुझे पता है कि यह बेवकूफी है लेकिन मैं अपने सारे टैक्स चुकाता हूं." जनता और खासतौर पर बवेरियाई क्लब के प्रशंसकों के बीच एक बेहद कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार इंसान की छवि वाले होएनेस की कही हुई पुरानी बातों से फैन्स खासतौर पर ठगे हुए महसूस कर रहे हैं. अब तक यह बात भी ज्यादा लोगों को पता नहीं थी कि होएनेस "तामागोची" के छद्म नाम से अपने स्विस एकाउंट के पैसे स्टॉक्स और मुद्राओं में जूए के तौर पर लगाते आए थे.

आरआर/एमजे (एपी,एएफपी)

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