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खेल

"हॉकी इंडिया निजी संगठन, चुनाव में दखल न दे सरकार"

दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह बुधवार को होने वाले हॉकी इंडिया के चुनावों में दखलंदाजी न करे. अदालत ने हॉकी इंडिया को एक निजी संगठन बताया है.

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दिल्ली हाई कोर्ट का कहना है कि देश में भारतीय हॉकी संघ (आईएचएफ) ही मान्यता प्राप्त संगठन है. हाई कोर्ट ने सरकार और हॉकी इंडिया से कहा है कि वे मंगलवार शाम तक सभी राज्य यूनिटों को स्पष्टीकरण दें कि हॉकी इंडिया एक निजी संगठन है.

जस्टिस एस मुरलीधर ने कहा कि चुनाव से पहले संगठन के दर्जे के बारे में भ्रम को दूर करना जरूरी है. उन्होंने कहा, "28 जुलाई को चुनाव तभी होंगे, जब सरकार और हॉकी इंडिया सफाई दें, अगर वे इस बारे में कोई स्पष्टीकरण जारी नहीं करते, तो चुनाव नहीं होंगे."

अदालत ने सरकार को निर्देश दिया है कि उसने हॉकी इंडिया के चुनावों पर नज़र रखने के लिए जिस पर्यवेक्षक को तैनात किया है, उसे हटा दिया जाए. हाई कोर्ट ने कहा है कि आईएचएफ ही मान्यता प्राप्त हॉकी संगठन है.

कोर्ट ने केंद्र सरकार को डांट पिलाई की उसने हॉकी इंडिया का मामला सुलझाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए. अदालत के मुतबिक, "ऐसा लगता है कि सरकार ने चुनाव करवाने का फैसला किया है लेकिन सरकार हॉकी इंडिया को क्यों समर्थन दे रही है. इससे और भ्रम पैदा होगा. अगर सरकार ने हॉकी इंडिया को मान्यता नहीं दी है तो वह इसे चुनाव करने की अनुमति क्यों दे रही है. सरकार को किसी निजी संगठन के चुनावों में दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए."

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा, "सभी राज्यों और उनकी खेल ईकाइयों को संदेश भेजा जाएगा कि भारत में एक ही मान्यता प्राप्त हॉकी संघ है और वह आईएचएफ यानी इंडियन हॉकी फेडरेशन है." 21 मई को हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार के इस फैसले को खारिज कर दिया था कि वह आईएचएफ और इंडियन ओलंपिक असोसिएशन (आईओए) की मान्यता खत्म कर दे.

रिपोर्टः पीटीआई/आभा एम

संपादनः ए कुमार

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