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दुनिया

हैयान तूफान से इलाके में खौफ

गिल्बर्ट मेनडोजा यूं तो सोने से पहले प्रार्थना नहीं किया करते, लेकिन जब से हैयान तूफान के फिलीपींस पहुंचने की खबर सुनी है, अपने चारों बच्चों के साथ घुटनों के बल बैठ कर प्रार्थना कर रहे हैं.

49 साल के मेनडोजा का कहना है, "इसके अलावा हम कुछ और नहीं कर सकते कि अपनी जान के लिए प्रार्थना करें. हम अपने घर पहुंच गए और प्रार्थना में लग गए." वह पूर्वी प्रांत सोरसोगान में रहते हैं. उन्होंने बताया कि जब सरकार ने टेलीविजन पर चेतावनी दी तो वह घबरा गए क्योंकि बताया जा रहा था कि इससे भयंकर तबाही हो सकती है. यह तूफान फिलीपींस के 7000 इलाकों से होकर गुजर रहा है.

मेनडोजा का कहना है, "पहले भी मैं कई त्रासदियों को देख चुका हूं. लेकिन इसकी चेतावनी ने मुझे डरा दिया." उनकी बात बहुत तार्किक लगती है क्योंकि उनके देश में हर साल औसतन 20 तूफान आते हैं और तूफानों के बारे में फिलीपींस का आम आदमी बहुत कुछ जानता है.

हैयान को वहां योलान्डा कहा जा रहा है और शुक्रवार को उसने फिलीपींस में कदम रखा. इसके बाद वह चीन की तरफ निकल जाएगा. तूफान के वरिष्ठ जानकार माइकल पादुआ का कहना है, "हैयान की ताकत सच में बहुत ज्यादा है. हमें आशंका है कि इस तूफान की वजह से भारी तबाही हो सकती है." उनका कहना है कि इससे पहले उनके इलाके में सबसे खतरनाक तूफान 1979 में टिप नाम का था, जिसकी वजह से 300 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलीं. इसका प्रभाव जापान और गुआम पर भी हुआ और लगभग 100 लोग मारे गए.

अधिकारियों ने गुरुवार को ही लगभग सात लाख लोगों को घर छोड़ कर हट जाने के आदेश दे दिए. करीब 29 प्रांतों पर इस तूफान का असर पड़ने वाला है. टिन और पत्थर की छतों वाले घर बिखर गए और सड़कों पर पानी और मलबा फैलने लगा. टेलीविजन की तस्वीरों से पता चल रहा है कि सड़कों पर पेड़ भी कट कट कर गिरने लगे.

दक्षिणी लेते प्रांत के गवर्नर रोजर मेरकाडो का कहना है कि हैयान तूफान की वजह से इलाके की बिजली चली गई और इससे चार लाख लोग अंधेरे में डूब गए. उन्होंने कहा, "इस तूफान को कमतर करके मत आंकिए. यह बहुत बहुत शक्तिशाली है." संचार लाइनों के कट जाने से राहत और बचाव के लोगों को भी दिक्कतें आ रही हैं.

देश के राष्ट्रपति बेनिगनो अक्वीनो ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा है कि आपात टीमों को तैनात कर दिया गया है, ताकि प्रभावित लोगों की मदद की जा सके. उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन समर प्रांत के 67 साल की वायोलेटा लारियोमा का कहना है कि हवाएं इतनी तेज है कि सहज रहना मुश्किल है. उन्होंने बताया कि उनका पोता इतना घबरा गया कि घर छोड़ कर जाने की बात करने लगा, "हवाएं बहुत तेज थीं और बीच बीच में बरसात हो रही थी. वह डर गया." वह भी डर गईं और छह साल के पोते के साथ पास के सरकारी दफ्तर में चली गईं.

एजेए/एनआर (डीपीए)

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