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दुनिया

हैदराबाद में इवांका ट्रंप, मुश्किल सवालों का देंगी जबाव?

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की बेटी और वरिष्ठ सलाहकार इवांका ट्रंप हैदराबाद में होने वाले "ग्लोबल एंटरप्रेन्योरशिप समिट 2017" में हिस्सा लेने भारत पहुंच गयी है.

इवांका की पहचान एक बिजनेसवुमन के रूप में है और अकसर वे चर्चाओं में बनी रहती है. इवांका महिला सशक्तिकरण की पैरवी करती हैं. ऐसे में लोगों की नजर इस बात पर भी होगी कि क्या उनका अंदाज उनके इस विचार से मेल खाता है. तीन दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में तकरीबन 1200 लोग शामिल होंगे जिनमें ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की पत्नी चैरी ब्लेयर भी शामिल हैं. वह चैरी ब्लेयर फाउंडेशन फॉर वूमेन की प्रमुख हैं.

इवांका के इस दौरे को देखते हुए हैदराबाद में भी काफी साफ सफाई और इंतजाम किये गये हैं. शहर को भिखारी मुक्त बनाने और इसे सजाने-संवारने से जुड़ी मुहिम काफी चर्चा में रही. इवांका पहले भी भारत आ चुकी हैं लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के बतौर सलाहकार होने के नाते यह उनका पहला भारत दौरा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सम्मलेन में शामिल होंगे और इवांका ट्रंप के स्वागत में हैदराबाद के फलकनुमा पैलेस में रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे. 
यह सम्मलेन महिला उद्यमियों पर केंद्रित हैं इसलिए बतौर उद्यमी अपने ब्रांड को लेकर किये गये इवांका के फैसलों पर सवाल उठना यहां लाजिमी हैं. आलोचकों के मुताबिक इवांका ने अपनी नेतृत्व क्षमता का इस्तेमाल चीन जैसे देशों में मानवाधिकारों और श्रमिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए नहीं किया. आलोचक तर्क देते हैं कि अमेरिका के साथ चीन का बड़ा कारोबार है और उस स्थिति में इवांका ट्रंप अपने ब्रांड से जुड़े मामलों में कोई स्टैंड लेने में नाकाम रहीं.

इवांका सम्मेलन में कम से कम दो पैनल डिस्कशन की मेजबानी करेंगी. इसमें रक्षा मंत्री निर्मला सीतारामन भी शामिल होंगी. फिलहाल मीडिया से बातचीत की उनकी कोई योजना नहीं है.

भारत में भी इवांका के दौरे को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है. मेडिकल स्टूडेंट अमानी बुगाती कहती हैं, "यह बहुत अच्छा है कि वह भारत आयी हैं. वह ग्लैमरस, सुंदर और सशक्त है. यह हॉलीवुड और राजनीति के मेल जैसा है." वहीं अन्य लोग शहर में किये गये सुधारों पर भी बात कर रहे हैं. टैक्सी ड्राइवर गोपाल कहते हैं, "सड़कों के गड्ढों को भरा गया लेकिन कुछ छोटी गलियों को ऐसे ही छोड़ दिया गया है क्योंकि वह यहां नहीं आयेंगी."

एए/एके (एपी)

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