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जर्मन चुनाव

हेडली, राना के खिलाफ गैर जमानती वारंट वापस

भारतीय जांच एजेंसी एनआईए ने अमेरिका में पकड़े गए पाकिस्तानी मूल के संदिग्ध आतंकवादियों डेविड कोलमैन हेडली और तहव्वुर राना पर से गैर जमानती वारंट वापस ले लिया. एनआईए ने दिल्ली की अदालत में वारंट की याचिका वापस ली.

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लेकिन इसकी जगह नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी एनआईए ने पाकिस्तानी नागरिकों हाफिज सईद और जकी उर रहमान लकवी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने की याचिका दायर की है. इन पर भारत में आतंकवादी साजिश रचने का आरोप है. साथ ही पाकिस्तान के चार और लोगों के खिलाफ भी वारंट की याचिका दायर की गई है.

अमेरिका में गिरफ्तार किए गए हेडली और राना पर 26/11 के मुंबई के आतंकवादी हमले की साजिश रचने का आरोप है. लेकिन एनआईए का कहना है कि वे पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं और अमेरिका के साथ भारत की प्रत्यर्पण संधि भी है. इसके अलावा एनआईए को हेडली से पूछताछ की इजाजत भी मिल चुकी है, ऐसे में भारत में उनके खिलाफ वारंट की जरूरत नहीं.

Hafiz Mohammed Saeed

हाफिज सईद और तहव्वुर के खिलाफ वारंट

सईद और लकवी सहित पाकिस्तानी नागरिकों के वारंट के बारे में एनआईए का कहना है कि वारंट जारी होने के बाद ही उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा सकता है. अंतरराष्ट्रीय पुलिस इंटरपोल अपने सदस्य देशों के आग्रह पर अंतरराष्ट्रीय भगोड़े अपराधियों के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करता है. दिल्ली के जिला और सत्र न्यायाधीश एसपी गर्ग ने एनआईए से कहा है कि वह इस मामले में केस डायरी बनाए. भारत का आरोप है कि नवंबर, 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमले की साजिश रचने में हाफिज सईद का सबसे बड़ा रोल रहा है.

पिछले साल नवंबर में एनआईए ने जो एफआईआर दर्ज कराई है, उसमें हेडली और राना के अलावा लकवी, सईद, पाकिस्तानी सेना के मेजर इकबाल और मेजर समीर और पाकिस्तान के नागरिक साजिद मीर और अब्दुल रहमान के नाम शामिल हैं. इनमें से सारे आरोपी भारत से बाहर हैं. सिर्फ हेडली और राना को अमेरिका में हिरासत में लिया गया हैं.

एनआईए ने अपनी एफआईआर में अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई से मिली जानकारी के आधार पर कहा है कि मुंबई के आतंकवादी हमलों की जांच के लिए इन सभी लोगों से पूछताछ की जरूरत है ताकि पूरी साजिश पर से पर्दा उठाया जा सके.

भारत का एक जांच दल हाल ही में अमेरिका गया था, जहां उसने डेविड हेडली से पूछताछ की थी. एनआईए का कहना है कि पाकिस्तानी मूल के हेडली और कनाडियाई नागरिक तहव्वुर राना ने पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के साथ मिल कर 2006 में ही भारत के दिल्ली और दूसरे बड़े शहरों पर आतंकवादी हमले की योजना बनाई थी. हेडली ने इसके बाद से कई बार भारत का दौरा किया था और मुंबई के उन सभी जगहों पर गया था, जहां 2008 में आतंकवादी हमले किए गए थे.

भारत का आरोप है कि 26/11 के हमले की साजिश पाकिस्तान में रची गई और जिन्दा पकड़े गए एकमात्र हमलावर आमिर अजमल कसाब के पाकिस्तानी नागरिक होने की पुष्टि हो चुकी है.

रिपोर्टः पीटीआई/ए जमाल

संपादनः महेश झा

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