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जर्मन चुनाव

हेडली पर अमेरिका से जवाब मांग सकता है भारत

भारत लश्कर ए तैयबा के आतंकवादी डेविड हेडली के पासपोर्ट में उसके नाम बदले जाने का जिक्र न होने के बारे में अमेरिका से जवाब देने के लिए दबाव डाल सकता है. हेडली के बारे में सवालों पर अमेरिका ने एक पन्ने की रिपोर्ट दी है.

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भारतीय गृह मंत्रालय अमेरिका की तरफ से आई इस रिपोर्ट की छानबीन कर रहा है. इसमें डेविड हेडली के बारे में 26 नवंबर को मुंबई हमलों के पहले और बाद में हेडली के बारे में मिली जानकारियों का ब्यौरा है. अधिकारियों का कहना है अगर इस बात के पहले संकेत मिले होते कि उसका नाम पहले दाउद गिलानी था और वो पाकिस्तानी मूल का अमेरिकी नागरिक है तो उसके बार बार भारत आने पर आप्रवासन अधिकारियों को जरूर शक होता.

Zeichnung Gericht David Coleman Headley vor Richter Harry Leineweber

एक अधिकारी ने बताया," हेडली के पासपोर्ट पर इस बात का कहीं जिक्र नहीं था. इसके साथ ही उसका नाम बदले जाने की प्रक्रिया में भी किसी ने जरूर उसकी मदद की होगी."

अपनी एक पन्ने की रिपोर्ट में अमेरिका ने बताया है कि मुंबई हमले से पहले खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी हेडली के साजिश में शामिल होना साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं थीं. इस रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को हेडली और उसकी गतिविधियों के बारे में बस कुछ सामान्य सी जानकारी मिली थी और इन जानकारियों में ऐसा कुछ नहीं था कि हेडली को 2008 के मुंबई हमलों से जोड़ा जा सके.

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस मुद्दे पर बात की और बताया अमेरिकी अधिकारी क्यों हेडली को मुंबई हमलों से जोड़ कर देख पाने में नाकाम रहे.

भारत हेडली की दो बीवियों की दर्ज कराई शिकायतों की कॉपी हासिल करने के लिए भारत न्यायिक सहायता पत्र लिखने की योजना बना रहा है. हेडली की बीवियों ने अपनी शिकायतों में मुंबई हमलों के लिए हेडली की पाकिस्तानी आतंकवादियों के साथ ट्रेनिंग करने की बात कही है. 50 साल का हेडली फिलहाल अमेरिका की जेल में है. अमेरिकी जांच अधिकारियों के साथ हुए करार के तहत उसने मौत की सजा नहीं देने की शर्त पर मुंबई हमलों की साजिश रचने का जुर्म कबूल कर लिया है.

वॉशिंगटन से आई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2001 से ही हेडली के संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने की बात सामने आ रही थी. ये रिपोर्ट नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक जेम्स क्लैपर ने तैयार की है. रिपोर्ट के मुताबिक अगर सभी जानकारियों को एक साथ मिला दिया गया होता तो मुंबई हमलों की साजिश का पहले ही पता चल जाता.

भारतीय गृह सचिव जी के पिल्लई ने पिछले महीने कहा था कि भारत इस को इस बात से दुख हुआ है कि अमेरिका ने हेडली के बारे में मौजूद जानकारियों को नहीं बताया. अमेरिकी मीडिया में भी ऐसी खबरें आई हैं कि हेडली को अमेरिकी अधिकारियों ने न्यूयॉर्क हमले के बारे में जानकारी जुटाने के लिए पाकिस्तान भेजा था. हालांकि अमेरिकी अधिकारी ये जानते थे कि वह चरमपंथी तत्वों के साथ सहानुभूति रखता है.

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः उज्ज्वल भट्टाचार्य

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