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दुनिया

हिला देने वाला है रासायनिक गैसों से हमला

सीरिया के अलेपो में तथाकथित गैस हमले की चपेट में आने से छोटे बच्चों समेत कम से कम 80 लोगों को दम घुटने की शिकायत हुई. विश्व में रासायनिक हथियारों पर नजर रखने वाली संस्था के प्रमुख ने इसे बेहद परेशान करने वाली घटना बताया.

विश्व में रासायनिक हथियारों पर नजर रखने वाली संस्था ओपीसीडब्ल्यू के प्रमुख अहमत उजुम्कू ने कहा है कि वे सीरिया के अलेपो में कथित रूप से क्लोरीन गैस से हुए हमले की जांच करेंगे. विपक्षी गुटों के कब्जे वाले अलेपो शहर के हिस्से में हेलिकॉप्टरों से बैरल बम गिराए जाने की खबर है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यूएन और रासायनिक हथियारों पर रोक लगाने के मकसद से काम करने वाली इस वॉचडॉग संस्था ओपीसीडब्ल्यू द्वारा तैयार की गई एक संयुक्त रिपोर्ट में पहले हुए दो रासायनिक हमलों का आरोप सीरिया की सरकार पर लगा है.

विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके में राहत का काम करने वाली संस्था सीरियन सिविल डिफेंस का मानना है कि सीरिया के सरकारी हेलिकॉप्टरों ने मंगलवार को जहरीली गैसों वाले बम गिराए. सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने बुधवार को इस गैस हमले के कारण एक व्यक्ति की मौत होने की सूचना दी है. 80 से ज्यादा लोगों का दम घुट गया और घटनास्थल से प्राप्त फुटेज में कई रोते बच्चों को मशीन की मदद से सांस लेते, अस्पताल में लेटे और पानी डालकर ठंडा करते दिखाया गया.

ओपीसीडब्ल्यू के प्रमुख अहमत उजुम्कू ने कहा है कि उनकी संस्था हमले में रासायनिक गैस के इस्तेमाल से जुड़े सभी सबूतों की जांच करेगी और अपनी जांच के नतीजे केमिकल वेपन कन्वेंशंस के सदस्य देशों को भेजेगी.

सीरियाई सेना के एक स्रोत ने अलेपो में सेना द्वारा क्लोरीन गैस के हमले के आरोप को बेबुनियाद बताया है और कहा कि विद्रोही गुट सेना के हातों मिली अपनी हाल की हारों से ध्यान हटाने के लिए ऐसे आरोप लगा रहे हैं.

सीरिया के सात इलाकों में हुए कुल 9 गैस हमलों पर एक साल लंबी चली यूएन और ओपीसीडब्ल्यू की संयुक्त जांच के नतीजे 15-सदस्यीय सुरक्षा परिषद के सामने पेश किए गए हैं. जांच का नतीजा यह निकला है कि 2014 और 2015 में हुए इन नौ में से दो हमलों के लिए सीरिया की सरकारी सेनाएं जिम्मेदार हैं. सीरिया सरकार ने पिछले पांच सालों से जारी गृह युद्ध में कभी भी रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की बात नहीं मानी है.

इस जांच में यह भी पता चला कि आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों ने सल्फर मस्टर्ड गैस का इस्तेमाल किया था. इस रिपोर्ट के कारण सुरक्षा परिषद के पांच वीटो पावर वाले देश आमने सामने आ गए हैं. इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया को लेकर रूस और चीन एक ओर हैं तो अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस दूसरी ओर.

अलेपो कई सालों से सरकारी और विद्रोही गुटों के कब्जे वाले इलाकों में बंटा है. सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद की सेना ने विद्रोहियों पर बढ़त बनाते हुए काफी इलाके से उन्हें हटा दिया है और जल्द ही पूरे अलेपो शहर पर सरकारी कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं.

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