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ताना बाना

हार पचाना नहीं जानता इंग्लैंडः फीफा

फीफा के अध्यक्ष जैप ब्लाटर ने फीफा में भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. रूस और कतर को 2018, 2020 का वर्ल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट दिए जाने के बाद फीफा पर इस तरह के आरोप लगाए गए.

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भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करते हुए ब्लाटर ने इंग्लैंड पर निशाना साधते हुए कहा कि इंग्लैंड हार स्वीकार करने में बुरा है. ब्लाटर ने कहा, ''ईमानदारी से इंग्लैंड को दावेदारी नहीं मिलने के बाद उनकी प्रतिक्रिया से मुझे हैरानी हुई. इंग्लैंड जो कि निष्पक्ष खेल का ठोस समर्थक रहा है." स्विटजरलैंड की साप्ताहिक पत्रिका वेल्टवोखे से बातचीत के दौरान ब्लाटर ने कहा, "अब उनमें से कुछ हार को पचा नहीं पा रहे हैं. आप बाद में आ कर यह नहीं कह सकते कि फलां ने कहा था कि वह इंग्लैंड की दावेदारी के लिए वोट करेंगे. नतीजे सामने हैं और बहुत साफ है."

पिछले सप्ताह फुटबॉल असोसिएशन के कार्यकारी चेयरमन रोजर बर्डन ने स्थायी सीट से अपना आवेदन यह कहते हुए वापस ले लिया था कि वह 2018 का फुटबॉल वर्ल्ड कप आयोजित करवाने की इंग्लैंड की दावेदारी फेल होने के बाद फीफा के सदस्यों पर विश्वास नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री डेविड कैमरन और प्रिंस विलियम की तरफ से पेश की गई इंग्लैंड की दावेदारी के लिए वोटों का आश्वासन दिया था जो फीफा कार्यकारी समिति ने पूरा नहीं किया.

ब्लाटर ने इंग्लैंड की प्रतिक्रिया के जवाब में कहा कि कुछ लोग फुटबॉल की सीमाएं बढ़ाए जाने की अहमियत को नहीं समझते. "मुझे कुछ प्रतिक्रियाओं में पश्चिमी देशों की ईसाई पृष्ठभूमि का दंभ दिखाई पड़ता है. कुछ लोग इस बात को बर्दाश्त ही नहीं कर सकते कि दूसरों को बदलाव का मौका दिया जा रहा है. इसमें क्या गलत है कि फुटबॉल ऐसी जगह पर करवाया जाए जहां इस खेल में संभावनाएं हों जो खेल के भी परे जाती हों."

इंग्लैंड की बोली प्रमुख एंडी एन्सन का दावा था कि ब्लाटर ने कमेटी सदस्यों को ब्रिटिश मीडिया की तरफ से प्रकाशित भ्रष्टाचार खबरों के बारे में याद दिला कर उन्हें प्रभावित किया.

ब्लाटर ने भ्रष्टाचार के आरोपों का खंडन किया और कहा कि फीफा विरोधी पत्रकार उन्हें निशाना बना रहे हैं. "फीफा में किसी तरह का योजनाबद्ध भ्रष्टाचार नहीं है. यह बकवास है. हम वित्तीय मामलों में एकदम साफ सुथरे हैं."

लेकिन ब्लाटर ने यह भी कहा कि फीफा ऐसे व्यव्हार नहीं कर सकता जैसे कुछ हुआ ही न हो. "हमें हमारी छवि सुधारने की जरूरत है. फीफा के अंदर कुछ बातों की सफाई की जरूरत है."

ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन भी फीफा में कड़े सुधारों की मांग करते रहे हैं. इस बारे में ब्लाटर ने कहा कि उनके सुझावों का हार्दिक स्वागत है.

ब्लाटर ने माना कि फुटबॉल का राजनीतिकरण हो रहा है. "फुटबॉल का खेल एक दैत्य की तरह होता जा रहा है जिसे फीफा द्वारा पालतू बनाया जाना जरूरी है. हम यह करेंगे और अच्छे से करेंगे. खासकर अफ्रीका में हुए विश्व कप के बाद. वर्ल्ड का आयोजन किसी देश को दिया जाना अब राजनीतिक मुद्दा हो गया है."

यह पूछने पर कि क्या 2022 के विश्व कप उद्घाटन में भी वह फीफा अध्यक्ष के तौर पर रहेंगे, ब्लाटर ने कहा, "निश्चित ही नहीं, अगर ईश्वर चाहेगा तो आमंत्रित किए जाने पर मुझे या तो बैसाखी या व्हील चेयर पर बैठ मैं उद्घाटन समारोह में आउंगा."

रिपोर्टः एजेंसियां/आभा एम

संपादनः ओ सिंह

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