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दुनिया

हादिया को सुप्रीम कोर्ट ने भेजा कॉलेज

केरल के कथित "लव जेहाद" मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि लड़की के माता-पिता लड़की को अपने कब्जे में नहीं रख सकते. 24 वर्षीय अखिला ने शफीन जहान से शादी कर इस्लाम कबूल लिया था और नाम बदलकर हादिया रख लिया था.

सुप्रीम कोर्ट में दो घंटे तक चली इस सुनवाई में हादिया ने कोर्ट के सामने कहा कि वह अपने पति के पास जाना चाहती है. उसने कहा, "मुझे आजादी चाहिये." जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ने हादिया से पूछा कि क्या वह अपनी पढ़ाई सरकारी खर्चे पर जारी रखना चाहती है, जिसके जवाब में हादिया ने कहा कि वह अपनी पढ़ाई तो करना चाहती है लेकिन सरकारी खर्चे पर नहीं. उसने कहा, "मेरा पति मेरी जरूरतों का ख्याल रख सकता है."

सुप्रीम कोर्ट ने हादिया को मेडिकल कॉलेज में अपनी पढ़ाई जारी रखने की इजाजत दी है साथ ही केरल सरकार से उसकी यात्रा का बंदोबस्त जल्द से जल्द करने को कहा है. कोर्ट ने हादिया के कॉलेज के डीन को उसका अभिभावक नियुक्त किया है. हादिया लंबे समय से अपने पिता के घर पर रह रही थी. बेंच ने कॉलेज को भी हादिया के दोबारा एडमीशन और हॉस्टल सुविधायें उपलब्ध कराने के आदेश दिये हैं.

हादिया के पिता केएम अशोकन ने आरोप लगाया था कि हादिया के पति शफीन जहान का इस्लामिक स्टेट से संबंध है. उसके दबाव डालने पर उनकी बेटी ने इस्लाम कबूल किया और फिर शादी कर ली. अशोकन ने यह भी कहा था कि शफीन उसकी बेटी को आईएस में भर्ती करना चाहता है.

मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और अशोकन ने कहा था कि सफीन का संबंध इस्लामिक स्टेट से है और हादिया की सहमति इस शादी में नहीं थी. सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को मामले की जांच कर रही एनआईए को अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी है. इसमें एनआईए को हादिया का वह बयान भी शामिल करना होगा जिसमें उसने शादी से जुड़े किसी भी दवाब से इनकार किया है.

लव-जेहाद में नपती इंसानी अधिकारों की हदें

हादिया के पति की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा, "वह इस बात से बेहद निराश हैं कि लोग हादिया से पूछने की बजाय, मीडिया में जो हादिया के बारे में कहा जा रहा है उस पर बात कर रहे हैं." इसके जवाब में अशोकन के वकील ने कहा, "हादिया की बात सुनने से पहले एनआईए की जांच रिपोर्ट पर भी गौर कर लेना चाहिये क्योंकि धर्मातंरण को लेकर पूरा एक ऑपरेशन चल रहा है." सिब्बल ने कहा कि जब हादिया कोर्ट में मौजूद है तो हादिया की बात सुनी जानी चाहिये न कि एनआईए की. उन्होंने कहा कि उसे अपनी जिंदगी के फैसले लेने का अधिकार है.

इसी साल अगस्त महीन में सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए को इस मामले की जांच के आदेश दिये थे. शफीन जहान और हादिया की शादी को केरल हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था और हादिया की कस्टडी उसके पिता को सौंप दी गयी थी. अपनी पहली जांच रिपोर्ट में एनआईए ने दावा किया था कि केरल में कट्टरपंथी ताकतें काम रही हैं और ऐसे तकरीबन 89 मामलों की जांच एजेंसी कर रही है. 

 

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