1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

जर्मन चुनाव

हवाई हादसे के बाद पाकिस्तान में मातम

पाकिस्तान की सभी सरकारी इमारतों पर लगे देश के झंडे आधे झुके हुए हैं. अखबार विमान हादसे के शिकार लोगों को श्रद्धांजलि की खबरों से भरे पड़े हैं और पूरा देश गमगीन खामोशी में घिरा है.

default

रिश्तेदारों की चीख पुकार, एम्बुलेंस के सायरन और मलबे का पता लगाने में जुटे हेलीकॉप्टरों की गड़गड़ाहट से ये खामोशी थोड़ी देर के लिए टूटती है. भारी बारिश के कारण मरगला की पहाड़ियों में बिखरे लोगों के शव और विमान के मलबे को ढूंढने में काफी परेशानी हो रही है. बीच बीच में काम रोक कर बारिश के रुकने का इंतजार करना पड़ रहा है.विमान पर सवार 152 लोगों में से कोई भी जिंदा नहीं बचा. इनमें दो अमेरिकी नागरिक, आस्ट्रिया में जन्मा एक कारोबारी और पांच बच्चों के अलावा दो नवजात शिशु भी थे. शवों की हालत बहुत खराब है कई शव बुरी तरह से जले हुए हैं. शवों की पहचान के लिए डीएनए जांच की जाएगी. अब तक 115 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं हालांकि शवों के टुकड़े और विमान के मलबे की खोज पूरी होने में हफ्ते भर से ज्यादा लग सकता है.

Pakistan Flugzeugabsturz

मलबे में बिखरी जिंदगी

पाकिस्तान के सबसे बड़े निजी एयरलाइंस एयरब्लू का यह विमान इस्लामाबाद के बेनज़ीर भुट्टो हवाई अड्डे पर उतरने जा रहा था तभी एक धमाका हुआ और उसके बाद कभी न खत्म होने वाली खामोशी. विमान का मलबा दो पहाड़ियों के बीच में बिखरा पड़ा है. अधिकारियों को अभी तक विमान का ब्लैक बॉक्स नहीं मिला है. ऐसे में हादसे की वजह क्या थी इस पर अभी तक बस कयास ही लगाए जा रहे हैं. विमान के बहुत नीचे उड़ान भरने पर भी लोगों को हैरानी हुई थी. हालांकि माना जा रहा है कि खराब मौसम इसकी वजह हो सकता है. ये भी कहा जा रहा है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने विमान के पायलट को लैंड करने से मना किया और विमान वापस ले जाने के लिए कहा था.हालांकि एयरब्लू की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

इस बीच एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर को सील कर दिया गया है और पायलट और कंट्रोलर के बीच हुई बातचीत की जांच की जा रही है.

पाकिस्तान में विमान हादसों की खबरें कम ही सुनाई देती हैं. बुधवार को हुआ हादसा पाकिस्तान का अब तक का तीसरा सबसे बड़ा लेकिन देश में हुआ ये सबसे बड़ा हादसा है. इससे पहले 2006 में पीआईए का एक विमान मुल्तान शहर के पास गिर गया जिसमें 45 लोगों की मौत हुई. देश से बाहर हुए पाकिस्तानी विमान हादसों में 1992 का हादसा सबसे बड़ा है. नेपाल की राजधानी काठमांडू में हुए पीआईए विमान हादसे में 165 लोगों की जान गई. इससे पहले 1979 में भी पीआईए का एक विमान जेद्दा में दुर्घटना का शिकार हुआ इसमें 156 लोगों की मौत हुई थी.

रिपोर्टः एजेंसियां/ एन रंजन

संपादनः ए जमाल

DW.COM

WWW-Links