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विज्ञान

हल्के हल्के चढ़ने दें प्यार का नशा

नए शोध में सामने आया है कि अगर आप लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते, सच्चे प्यार की तलाश में हैं तो आपको शारीरिक संबंध बनाने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. प्यार का नशा हल्के हल्के परवान चढ़े तो ही अच्छा.

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अमेरिका की आयोवा यूनिवर्सिटी के शोध में खुलासा हुआ है कि जितनी धीरे रिश्ता गहराएगा वो उतना लंबा और खुश रहेगा. साथ ही सच्चे प्यार और साथी की तलाश भी पूरी होगी.

शोध में सामने आया कि शारीरिक संबंध बनाने के पहले अगर एक दूसरे को अच्छी तरह से जान लिया जाए तो रिश्ते लंबे समय टिकते हैं लेकिन कई बार यूं ही हुए प्रेम प्रसंगों में सच्चा प्यार भी मिल जाता है.

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इस शोध के लिए 642 बालिग लोगों से पूछताछ की गई. इनमें से 56 फीसदी ने कहा संबंधों में गंभीरता, परिवपक्वता आने से पहले उन्होंने इंतजार किया और उसके बाद ही सेक्स की तरफ मुड़े. इन लोगों के रिश्ते भी पक्के हैं. 27 प्रतिशत लोग ऐसे थे जिन्होंने डेटिंग के समय ही सेक्स किया और 17 फीसदी लोगों ने बिना किसी प्रेम के शारीरिक संबंध बनाए.

आयोवा यूनिवर्सिटी में समाजविज्ञान के प्रोफेसर एंथोनी पैक कहते हैं, "उन लोगो में कुछ खास बात होती है जो सेक्स के पहले इंतजार करते हैं. वो ये है कि उनका रिश्ता हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाला होता है." पैक का ये शोध सोशल साइंस पत्रिका में प्रकाशित हुआ है. इसमें कहा गया है कि शोध बताता है कि प्रणय निवेदन छंटनी की प्रक्रिया की तरह काम करता है.

"ये चर्चा कि हम अभी सेक्स क्यों नहीं कर सकते. ये उम्मीद होती है कि जल्दी शारीरिक संबंध बनने चाहिए. लेकिन ऐसा करने में आप कोई ऐसी सूचना खो देते हैं जो आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है. ये एकदम आर्थिक समीकरण की तरह है. सामान्य तौर पर किसी भी रिश्ते को बनाने में प्रक्रिया जितनी महंगी होगी उतनी ये काम भी करेगी. डाटा भी यही इंगित करता है."

लेकिन पैक ने ये भी कहा कि शोध ये नहीं कहते कि जल्दी शारीरिक संबंध बनाने का असर हमेशा खराब ही होता है. जब उन्होंने ऐसे लोगों का अध्ययन किया जिन्होंने कहा था कि वे डेटिंग के दौरान या फिर जल्दी शारीरिक संबंध बना लेते हैं. तब सामने आया कि उनके पक्के रिश्तों और सही समय का इंतजा़र करने वालों के पक्के रिश्ते में ज्यादा फर्क नहीं होता.

पैक कहते हैं,"इसका मतलब ये है कि दो अजनबी लोग किसी जगह एक दूसरे की आंखों में आंखे डाल, साथ घर जाएं, और बिलकुल हो सकता है कि वो जीवन भर चलने वाला एक रिश्ता बन जाए."

रिपोर्टः एजेंसियां/आभा एम

संपादनः एस गौड़

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