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दुनिया

हर्षोल्लास में दबी पर्यावरण चिंताएं

'आर्ट ऑफ लिविंग' सिखाने वाले आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने दिल्ली में ‘वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल’ की शुरुआत की. पर्यावरण संबंधी विवादों के बीच शुरु हुए कार्यक्रम के उद्घाटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे.

पांच चीजें पूरी दुनिया के लोगों को जोड़ती हैं, खेलकूद, कला और संस्कृति, विचार, व्यापार और आध्यात्म. श्री श्री ने इसी विचार के साथ तीन दिवसीय ‘वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल' की शुरुआत की. राजधानी दिल्ली में बड़े पैमाने पर हो रहा आयोजन पिछले एक महीने से विवादों के घेरे में रहा. इसे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में चुनौती दी गई थी, जिसके बाद एनजीटी ने दिल्ली सरकार, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और आयोजकों को इस बारे में 11 फरवरी को नोटिस जारी किया था. पर्यावरण संबंधी विवादों के बीच शुरु हुए कार्यक्रम के उद्घाटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे.

आयोजकों के अनुसार वे महोत्सव के दौरान 35 लाख लोगों के आने की उम्मीद कर रहे हैं जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा योग और ध्यान की बैठकें होंगी. देश और दुनिया के तमाम कोनों से पहुंचे संगीतकारों, गायकों, नर्तकों ने यहां बने 1200 फीट लंबे, 200 फीट चौड़े और 40 फीट ऊंचे मंच पर कार्यक्रम प्रस्तुत किया.

तैयारियों के दौरान भारतीय सेना की मदद से आयोजन स्थल पर तीन पॉन्टून ब्रिज बनवाए गए जिससे इतनी भारी तादाद में जुटने वाले लोगों के कारण आवाजाही ठप्प ना हो जाए.

Indien Neu Delhi Baustelle World Culture Festival Sri Sri Ravi Shankar

आयोजन स्थल यमुना नदी के पास बाढ़ वाले इलाके में स्थित है.

मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि 12 और 13 मार्च को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और यूपी में भारी बारिश हो सकती है. लेकिन जब 11 मार्च को ही यमुना किनारे जमा हुए इतने सारे लोग बारिश में भीगने लगे तो थोड़ी अफरा तफरी मची. हालांकि उसके पहले इंद्रधनुषी नजारे दिखाकर प्रकृति ने भी खूब रंग बिखेरे.

इस बीच एनजीटी ने आर्ट ऑफ लिविंग को यमुना के तटीय इलाके में पर्यावरण को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए 5 करोड़ का मुआवजा भरने को कहा है, लेकिन श्री श्री रविशंकर ने कहा है कि उन्होंने ऐसा कोई गुनाह नहीं किया कि जुर्माना भरें. उन्होंने कहा कि उन पर गलत इल्जाम लगाए गए हैं. वे अभी तक यमुना को बचाने के लिए लड़ते रहे हैं और आगे भी पर्यावरण के लिए काम करेंगे. श्री श्री रविशंकर ने ये भी कहा है कि वर्ल्ड कल्चर फेस्ट के लिए एक भी पेड़ नहीं काटा गया है और इससे यमुना को कोई खतरा नहीं है. आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन ने वादा किया है कि वह 13 मार्च को आर्ट ऑफ लिविंग का समारोह खत्म होने के बाद आयोजन स्थल पर जैवविविधता पार्क बनाएगा.

संसद में विपक्षी दलों ने एनजीटी आदेश के बावजूद जुर्माना ना भरने के श्री श्री रविशंकर के बयान का मामला उठाया. जनता दल (यूनाइटेड) प्रमुख शरद यादव ने कहा कि "ये एक गंभीर मामला है. उन्हें जेल भेज देना चाहिए." विपक्ष के नेताओं गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस सदस्यों, लेफ्ट पार्टी और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी इस पर सवाल खड़े किए. वहीं बीजेपी नेता वैंकया नायडू ने हिंदुओं और भारतीय चीजों का विरोध करने को आजकल का चलन बताया.

केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने आयोजन का समर्थन किया, लेकिन पर्यावरण संरक्षकों का आरोप है कि 1,000 एकड़ में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन यमुना नदी के तटीय इकोसिस्टम को नुकसान पहुंचाएगा. पूर्व पर्यावरण मंत्री और कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना है कि इस आयोजन से यमुना तट के इलाके की "इकोलॉजी पूरी तरह बर्बाद" हो जएगी. दिल्ली में 2010 में आयोजित हुए कॉमनवेल्थ खेलों के समय और उससे भी पहले अक्षरधाम मंदिर के निर्माण के दौरान यमुना के इसी फ्लडप्लेन को लेकर चिंताएं जताई गई थीं.

आरपी/एमजे (पीटीआई)