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दुनिया

हमास और फतह अब एक हैं

प्रतिद्वंद्वी फलीस्तीनी गुटों हमास और फतह के बीच एकता को लेकर डील होने की खबर है. वार्ताकारों का कहना है कि दस साल की कड़वाहट को पीछे छोड़ दोनों पक्षों ने एक साथ आने का फैसला किया है.

समाचार एजेंसी एएफपी ने मिस्र की राजधानी काहिरा में हुई बातचीत में हिस्सा लेने वाले हमास के सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि समझौते पर हमास के उप नेता सालाह अल-अरूरी ने हस्ताक्षर किये जबकि फतह की तरफ से बातचीत में हिस्सा लेने वाले प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख अज्जाम अल अहमद ने समझौते को रजामंदी दी.

यह समझौता हमास और फतह की राष्ट्रीय एकता वाली सरकार बनाने के लिए किया गया है. अगर समझौते को लागू किया जाता है तो 1 दिसंबर तक गजा पट्टी भी पश्चिम के समर्थन वाले फलीस्तीनी प्राधिकरण के अधीन होगी जहां बरसों से हमास का राज था. 

गजा पट्टी में 2006 में हुए चुनावों में हमास को भारी जीत मिली थी जिसके बाद फतह के साथ उसका टकराव शुरू हो गया. इसी के चलते उनकी गठबंधन सरकार टूट गयी और फिर गजा पट्टी में हमास का शासन कायम हो गया जबकि पश्चिमी तट पर फलीस्तीनी प्राधिकरण की सरकार रही.

चरमपंथी गुट हमास को अमेरिका और यूरोपीय संघ ने एक आतंकवादी संगठन के तौर पर ब्लैकलिस्ट कर रखा है. उसने 2008 के बाद से इस्राएल के साथ तीन लड़ाइयां लड़ी हैं. इस्राएल और मिस्र की तरफ से गाजा पट्टी की नाकेबंदी के कारण वहां रहने वाले 18 लाख लोगों के लिए हालात लगातार बिगड़ रहे हैं. मदद के लिए हमास ने मिस्र का दरवाजा खटखटाया और उससे रफाह बॉर्डर को खोलने की अपील की थी. 

वार्ता में शामिल एक व्यक्ति ने एएफपी को बताया कि गुरुवार को हुए समझौते के तहत फलस्तीनी प्राधिकरण को रफाह बॉर्डर का नियंत्रण मिल जाएगा जिसके जरिए मिस्र से गजा पट्टी में दाखिल हुआ जाता है. 

एके/एनआर (एएफपी)

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