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जर्मन चुनाव

हमने नियमों की अनदेखी नहीं कीः वेदांता

ब्रिटेन की वेदांता कंपनी ने कहा है कि 1.7 अरब डॉलर की बॉक्साइट खनन परियोजना में उसने नियमों की अनदेखी नहीं की. सरकार ने प्रोजेक्ट को मंजूरी देने से इंकार किया है. वेदांता ने कारण बताओ नोटिस का जवाब देने की बात कही.

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वेदांता के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर मुकेश कुमार ने बताया, "दो कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद वेदांता एल्युमीनियम लिमिटेड ने जरूरी कागजातों के साथ अपना जवाब संबंधित मंत्रालय को 31 अगस्त को सौंप दिया. वेदांता फिर दोहराना चाहता है कि उसकी ओर से नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया है. वेदांता कानून का पालने करने वाली कंपनी है और देश के नियम कानून के प्रति उसकी गहरी आस्था है."

हालांकि पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों अपने रुख पर कायम हैं और उनका कहना है कि वेदांता की ओर से अभी उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है. एनसी सक्सेना पैनल ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि प्रस्थावित स्थान पर वेदांता कई नियमों का उल्लंघन कर रहा है और इसके बाद ही मंत्रालय की ओर से कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.

Indien Jairam Ramesh

पर्यावरण मंत्रालय की अनुमति नहीं लेने के आरोप

ब्रिटेन की वेदांता रिसोर्सेज पर आरोप लगे हैं कि एल्युमीनियम शोधन के लिए रिफाइनरी यूनिट की क्षमता छह गुना बढ़ाने के लिए उसने निर्माण कार्य शुरू करने का फैसला किया. पावर प्लांट के लिए भी क्षमता 75 मेगावॉट से 300 मेगावॉट कराने की योजना थी लेकिन पर्यावरण संबंधी अनुमति कथित रूप से नहीं ली गई. नोटिस में कहा गया कि रिफाइनरी की क्षमता में अगर इस तरह विस्तार किया जाता है तो इससे पर्यावरण को भारी क्षति पहुंचने की आशंका है.

पर्यावरण मंत्रालय ने पाया है कि झारखंड की जिन 14 खदानों से वेदांता को बॉक्साइट की आपूर्ति हो रही है उनमें से 11 खदानों के लिए पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति नहीं ली गई है. ब्रिटेन की बहुराष्ट्रीय कंपनी वेदांता की उड़ीसा की नियामगिरी पहाड़ियों में स्थित लांजीगढ़ इलाके में बॉक्साइट खनन की परियोजना है. इसके लिए कंपनी पर 26 हेक्टेयर वन भूमि अधिग्रहण का आरोप है जिससे आदिवासी समुदाय डोंगिरया कोंध के उजड़ने का खतरा है.

आदिवासी संगठन लंबे समय से इस प्रोजेक्ट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और कुछ ही दिन पहले भारत सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी देने से इंकार कर दिया. पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि मंत्रालय की सलाहकार समिति की सलाह मानते हुए इस परियोजना को अनुमति नहीं दी जा रही है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: आभा एम

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