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हमने दो जासूसी ड्रोन विमान गिराए: ईरान

ईरान ने दावा किया है कि खाड़ी इलाके में जासूसी करने आए दो ड्रोन विमानों को मार गिराया गया है. समाचार एजेंसी फार्स ने ये जानकारी दी है. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक वरिष्ठ कमांडर के हवाले से ये जानकारी दी गई है.

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रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की विशिष्ट शाखा एयरोस्पेस के प्रमुख आमिर अली हाजीजादेह ने बताया है कि फारस की खाड़ी में दो ड्रोन विमानों को मार गिराया गया. आमिर अली ने कहा, "जासूसी करने वाले कई ड्रोन और दूसरे अत्याधुनिक विमानों को मार गिराया गया है. हम पहले से ऐसा करते आ रहे हैं लेकिन इसका एलान पहली बार किया जा रहा है." आमिर अली ने ये नहीं बताया कि विमानों को कब गिराया गया पर उन्होंने इतना जरूर बताया कि वो पश्चिमी देशों के टोही विमान ड्रोन थे.

UAV Unbemannte Aufklärungsdrohne der US Armee

ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के कारण अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के निशाने पर है. अमेरिका और उसके सहयोगी देश मानते हैं कि ईरान परमाणु बम बनाने में जुटा हुआ है. हालांकि ईरान इन आरोपों से साफ इंकार करता है और उसका कहना है कि वो सिर्फ बिजली पैदा करना चाहता है. ईरान अमेरिका और इस्राएल दोनों उसके सबसे बड़े दुश्मन हैं, इन देशों ने बातचीत के विफल हो जाने की सूरत में सैन्य कार्रवाई से भी इनकार नहीं किया है.

हाजीजादेह ने कहा कि दुश्मन ड्रोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से इराक और अफगानिस्तान में करते हैं. ईरान अमेरिका और उसके सहयोगियों को दुश्मन कहता है. हाजीजादेह का कहना है, "उनके ड्रोन अब हमारी वायुसीमा का उल्लंघन कर रहे हैं."

ईरान ने इस तरह की संभावनाओं से इनकार किया है कि अमेरिका या इस्राएल उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं. इसके साथ ही उसने चेतावनी भी दी है कि अगर ऐसा कुछ हुआ तो ईरान जवाबी हमला करेगा. जानकारों का मानना है कि हमले की सूरत में ईरान खाड़ी के देशों पर हमला कर सकता है. इसके साथ ही वो होमरूज के रास्ते को भी बंद कर सकता है. दुनिया भर में खाड़ी से जाने वाले तेल का 40 फीसदी हिस्सा इसी रास्ते से जाता है.

हाजीजादेह ने कहा, "उनके सारे सैनिक बेस हमारी मिसाइलों की रेंज में हैं और हमारे दुश्मनों पर हमारी पूरा नियंत्रण है और हम इस इलाके में होने वाले हर बदलाव पर नजर रखते हैं."

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः ओ सिंह

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