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खेल

हंगरी की रेस को रिकॉर्डो का सलाम

फॉर्मूला वन के ट्रैक पर इस साल अब तक मर्सिडीज..मर्सिडीज का हल्ला हो रहा था. ऐसे 25 साल के डैनियल रिकॉर्डो ने बता दिया कि मर्सिडीज के ड्राइवरों को कैसे धूल चटाई जा सकती है. टीम मर्सिडीज में फूट भी दिखी.

झमझमाती बारिश के बाद फॉर्मूला वन टीमें जब हंगेरियन ग्रां प्री की स्टार्ट लाइन पर पहुंचीं तो तय था कि रेस एक्शन से भरपूर होगी. गीली सड़क तेज रफ्तार गाड़ियां फिसलेंगी. ऐसा ही हुआ.

अंकों के लिहाज से चैंपियनशिप में सबसे आग चल रहे मर्सिडीज के जर्मन ड्राइवर निको रोसबेर्ग ने सबसे आगे रहकर रेस की शुरुआत की. नौवें लैप में मैक्लारेन के मार्कस एरिकसन हादसे का शिकार हो गए. 24वें लैप में फोर्स इंडिया के सेर्गियो पेरेज सुरक्षा दीवार से भिड़ गए. सेफ्टी कार को चमचमाती लाइट के साथ ट्रैक पर आना पड़ा.

इसके बाद रेस सामान्य ढंग से आगे बढ़ती रही. कभी रेड बुल के रिकॉर्डो आगे रहे, तो कभी मर्सिडीज के लुइस हैमिल्टन और बीच बीच में फरारी के फर्नांडो अलोंसो. लेकिन आखिरी लैप में 25 साल के ऑस्ट्रेलियन ड्राइवर रिकॉर्डो ने मास्टर क्लास ओवरटेकिंग का नमूना पेश किया. उन्होंने हैमिल्टन और अलोंसो को पीछे छोड़ते हुए रेस अपने नाम कर ली. रिकॉर्डो की इस साल यह दूसरी जीत है. बाकी की रेसें मर्सिडीज ने जीती हैं.

रेस खत्म होने के बाद मर्सिडीज के खेमे में अफसोस लाजिमी था. टीम के दोनों ड्राइवरों लुईस हैमिल्टन और निको रोसबेर्ग की बहुत अच्छी नहीं बन रही है. हंगेरियन ग्रां प्री के आखिर में मर्सिडीज ने हैमिल्टन से कहा कि वो रोसबेर्ग को आगे निकलने दें. लेकिन हैमिल्टन ने टीम की बात नहीं सुनी. यह पहला मौका नहीं है कि जब ब्रिटिश ड्राइवर हैमिल्टन और जर्मन ड्राइवर रोसबेर्ग के बीच इस तरह की तनातनी हुई है.

चैंपियनशिप के लिहाज से फिलहाल रोसबेर्ग सबसे आगे हैं. उनके खाते में 202 अंक हैं. हंगरी में अगर वो तीसरे नंबर पर आते तो उन्हें 15 अंक मिलते. हैमिल्टन ने ऐसा नहीं होने दिया.

2010 से 2013 तक वर्ल्ड चैंपियन रहे रेड बुल के सेबास्टियान फेटल के लिए यह सत्र अब भी बुरा साबित हो रहा है. इस बार एक भी रेस न जीतने वाले फेटल चैंपियनशिप के लिहाज से भी बहुत नीचे छठे नंबर पर हैं.

ओएसजे/एजेए (रॉयटर्स, एएफपी)