1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

स्विस बैंक के जर्मन ग्राहकों पर छापा

जर्मनी में स्विट्जरलैंड की यूबीएस बैंक के ग्राहकों के घरों पर छापे पड़ रहे हैं. पूरे देश में पहली बार इस स्तर पर छापा मारा जा रहा है. इसके जरिए कोशिश है जर्मनी में कर चोरों को पकड़ने की.

जर्मन शहर बोखुम के सरकारी वकीलों ने कर चोरी के आरोपों के आधार पर पूरे देश में यूबीएस बैंक के ग्राहकों के गिरेबान में हाथ डाला है. बोखुम में अभियोजन पक्ष के वकील नॉरबर्ट सालामोन ने कहा, "यह पूरे देश में पहला ऐसा छापा है." इससे पहले जर्मन अखबार बिल्ड ने यह खबर छापी थी. इस के जरिए उन लोगों को खोजने की कोशिश हो रही है जो जर्मनी में रहते हैं लेकिन स्विस बैंक यूबीएस के ग्राहक हैं.

अभियोजन पक्ष के कई वकीलों सहित 50 कर अधिकारी छापे में हिस्सा ले रहे हैं. इसके बाद आगे की कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है. बोखुम में अभियोजन कार्यालय ने नॉर्थराइन वेस्टफेलिया के अधिकारियों की खरीदी सीडी के आधार पर जांच शुरू कर दिया था. इस सीडी में उन लोगों के बारे में जानकारी थी जो जर्मनी में कर चुकाने के बजाय स्विस बैंकों में अपने पैसे जमा करा रहे थे.

यूबीएस ने इस सिलसिले में अब तक कोई जानकारी नहीं दी है. नॉर्थराइन वेस्टफेलिया की राजधानी ड्युसेलडॉर्फ में वित्त मंत्रालय ने बताया है कि 2010 से लेकर अब तक स्विट्जरलैंड से छह सीडी हासिल किए गए हैं जिनमें कर चोरों की जानकारी है.

जर्मन वित्त मंत्री वोल्फगांग शोएब्ले ने हाल ही में स्विट्जरलैंड के साथ कर समझौता करने की बात की थी जिसके तहत जर्मनी से निकाले गए काले धन पर एक बार टैक्स लगाया जाएगा. स्विट्जरलैंड में जर्मन कर्मचारियों के कमाए पैसों पर भी जर्मन निवेशों के जितना टैक्स लगाने की बात चल रही थी लेकिन जर्मनी में विपक्ष का कहना है कि टैक्स चोरों के लिए यह कोई सजा नहीं होगी. जर्मन राज्य नॉर्थराइन वेस्टफेलिया में भी सरकार इस समझौते का समर्थन नहीं कर रही. हालांकि 2010 में संवेदनशील जानकारी वाली सीडी खरीदे जाने के बाद वित्त मंत्री का कहना है कि इस तरह छिपकर हासिल की जानकारी से ज्यादा अच्छा है स्विट्जरलैंड के साथ समझौता करना.

एमजी/एनआर(एएफपी, डीपीए)

DW.COM

संबंधित सामग्री