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दुनिया

स्विट्जरलैंड में भविष्य की चिंता

स्विट्जरलैंड में रहने वाले प्रवासी जर्मन कुछ अस्थिर महसूस कर रहे हैं. उनके मुताबिक स्विस दोनों ही तरह के होते हैं, सहिष्णु भी और विदेशियों को नापसंद करने वाले भी. स्विट्जरलैंड में प्रवासियों के लिए जनमत संग्रह हुआ है.

जर्मनी के उल्म इलाके के रहने वाले इबेहार्ड वुल्फ हैरान हैं. साहित्य के छात्र वुल्फ सालों से स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में रहते आए हैं. उन्हें अच्छे तरीके से पता है कि जब बात विदेशी नागरिकों की आती है तो स्विस दुविधा में होते हैं. वुल्फ ने डॉयचे वेले से कहा, "स्विट्जरलैंड में एक जर्मन होने के नाते आपको यह अहसास होता है कि वास्तव में आप स्वीकार नहीं. दूसरी ओर स्विट्जरलैंड विदेशियों के लिए बहुत ही अनुकूल है, स्विट्जरलैंड ने संकट की घड़ी में अनजानों को देश में जगह दी है." स्विट्जरलैंड में ऐसे भी लोग हैं जो खुद को सीमित रखते हैं. कई मौकों पर विदेशियों को लेकर उनकी नफरत सामने आती है तो कई बार वे सहिष्णु नजर आते हैं.

50 फीसदी से थोड़े ज्यादा लोगों ने जनमत संग्रह का समर्थन किया तो 50 फीसदी से थोड़े कम लोगों ने यूरोपीय संघ के नागरिकों की बिना रोक टोक स्विट्जरलैंड में काम करने के पक्ष में मतदान किया. विदेशियों के लिए जनमत संग्रह के दूरगामी परिणाम होंगे. इनमें तीन लाख जर्मन नागरिक भी शामिल हैं, जो स्विट्जरलैंड में रहते हैं. देश दोबारा से प्रवासी कोटा लागू करेगा. भविष्य में ईयू के नागरिक तभी स्विट्जरलैंड में काम कर पाएंगे जब वहां उनकी बहुत ज्यादा जरूरत होगी.

Schweiz Burkaträgerin in Zürich

स्विट्जरलैंड में मुसलमानों की बढ़ती आबादी से दक्षिणपंथियों को चिंता

ज्यूरिख यूनिवर्सिटी अस्पताल में नर्स का काम कर चुकी 50 साल की उटे मास्टर को पता नहीं कि जनमत संग्रह के बाद नीतियां कैसे बदलेंगी. मास्टर कहती हैं, "देखभाल का काम करने वाले 50 फीसदी से ज्यादा विदेशी हैं. ज्यूरिख यूनिवर्सिटी अस्पताल बिना प्रवासी कामगारों के नहीं काम कर पाएगा."

स्विस अर्थशास्त्री भी इसी निष्कर्ष पर पहुंचते हैं. ज्यूरिख में स्थित उपकरण बनाने वाली फैक्ट्री के मैनेजर फिलिप मॉसीमान कहते हैं कि स्विट्जरलैंड में आप बिना विदेशी कामगारों के अस्पताल नहीं चला सकते हैं. यही हाल निर्माण क्षेत्र, रेस्तरां और होटल व्यापार में भी है. वहां विदेशियों की आबादी 23 फीसदी है. मॉसीमान कहते हैं कि यही विदेशी देश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम हैं. मॉसीमान सुझाव देते हैं कि जर्मनी में इस साल की शुरुआत में बुल्गारिया और रोमानिया के प्रवासियों को लेकर जिस तरह की बहस छिड़ी उससे स्विट्जरलैंड में मतदान को बढ़ावा मिला. मॉसीमान का कहना है, "प्रशासनिक लागत बढ़ेगी क्योंकि हमें यह साबित करना होगा कि इस काम के लिए कोई स्विस नागरिक नहीं मिला और हमें विदेश से किसी को नौकरी के लिए खोजना होगा. बर्न में बैठा अधिकारी यह फैसला करेगा क्या हम उस व्यक्ति को नौकरी पर रख सकते हैं या नहीं."

"अपराध के लिए विदेशी जिम्मेदार"

स्विट्जरलैंड की दक्षिणपंथी स्विस पीपुल्स पार्टी (एसवीपी) के सांसद लुकास राइमान जनमत संग्रह को जबरदस्त सफल बताते हैं. हर साल स्विट्जरलैंड में 80,000 विदेशी कामगार आते हैं. 31 के साल के सांसद का कहना है कि श्रम बाजार में बहुत समस्याएं हैं. राइमान कहते हैं, "जैसे ही विदेशी कामगार काम करने लगते हैं मजदूरी तेजी से गिर जाती है, इसके साथ मकानों के दाम में तेजी आई है, क्योंकि विदेश से आने वाले लोगों के लिए पर्याप्त घर नहीं बनाए जा रहे हैं. इसके अलावा ट्रैफिक की समस्या है. जब हर साल 80,000 अतिरिक्त लोग आ जाएंगे तो सड़कों और ट्रेनों में भीड़ तो बढ़ेगी ही." राइमान देश में बढ़ते अपराधों के लिए भी कहीं न कहीं विदेशियों की ही तरफ इशारा करते नजर आते हैं.

रिपोर्ट: थोमस वागनर/एए

संपादन: ओंकार सिंह जनौटी

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