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खेल

स्पॉट फिक्सिंग में निर्णायक सुनवाई शुरू

स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों से घिरे पाकिस्तानी क्रिकेटर सलमान बट, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आसिफ के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधी ट्राइब्यूलन ने सुनवाई शुरू कर दी है. दोषी पाए जाने पर तीनों खिलाड़ियों पर लंबी पाबंदी लग सकती है.

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यह सुनवाई दोहा में कतर फाइनेंशल सेंटर में बंद दरवाजों के पीछे होगी और 11 जनवरी तक चलेगी. वैसे वकीलों ने संकेत दिया है कि फैसला इससे पहले ही आ सकता है. इन तीनों खिलाड़ियों पर पिछले साल इंग्लैंड दौरे में स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होने के आरोप लगे. ब्रिटेन के एक अखबार ने स्टिंग ऑपरेशन कर दावा किया कि इन खिलाड़ियों ने पैसे लेकर नो बॉल फेंकी. तीनों क्रिकेटर इस आरोप से इनकार करते हैं.

Cricket Pakistan Salman Butt

स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगने के बाद सितंबर में ही आईसीसी ने इन पाकिस्तानी क्रिकेटरों को सस्पेंड कर दिया था. अगर इन पर भ्रष्टाचार के आरोप साबित हो गए तो आईसीसी की आचार संहिता के मुताबिक उन्हें कम से कम पांच साल के लिए बैन कर दिया जाएगा. इस मामले में ज्यादा से ज्यादा सजा जिंदगी भर के लिए प्रतिबंध हो सकती है.

स्पॉट फिक्सिंग का यह मामला उस वक्त सुर्खियों में आया जब ब्रिटेन के न्यूज ऑफ द वर्ल्ड अखबार ने दावा किया कि बट, आमिर और आसिफ समेत सात खिलाड़ियों ने सट्टेबाज मजहर मजीद से पैसे लिए और वे अगस्त में लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में उसके मुताबिक खेले. बाद में स्कॉटलैंड के जासूसों ने उस होटल में छापा मारा जहां पाकिस्तानी खिलाड़ी ठहरे थे. बताया जाता है कि बट के कमरे से बड़ी रकम मिली.

दोहा में तीन सदस्यों वाले स्वतंत्र पैनल का नेतृत्व आचार संहिता आयुक्त और मशहूर वकील माइकल बेलोफ कर रहे हैं. उनकी मदद के लिए दक्षिण अफ्रीका से अल्बी साक्स और केन्या के शरद राव को रखा गया है. सुनवाई अभियोजन पक्ष के वकील की बयान से शुरू होगी. तीनों खिलाड़ियों के वकीलों की बात भी सुनी जाएगी.

तीनों खिलाड़ियों ने अपनी पैरवी के लिए नामी वकीलों को लगाया है. 28 वर्षीय आसिफ का बचाव ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के भाई एलन कैमरन करेंगे. 26 वर्षीय पूर्व पाकिस्तानी कप्तान बट की पैरवी ब्रिटेन स्थित वकील यासीन पटेल कर रहे हैं जबकि 18 वर्षीय गेंदबाज आमिर ने पाकिस्तान के शाहिद करीम को अपना वकील बनाया है. ब्रिटिश अखबारों का कहना है कि पाकिस्तान के वनडे कप्तान शाहिद अफरीदी और मुख्य कोच वकार यूनुस को भी गवाह के तौर पर मौजूद रहने के लिए समन भेजे गए हैं.

वैसे आईसीसी ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे पर तब तक कोई टिप्पणी नहीं करेगी जब तक सुनवाई किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती. आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोगार्ट ने कुछ दिनों पहले कहा था कि उन्हें विश्वास है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर लगे आरोप सही साबित होंगे. उनका कहना था, "हमें कड़ा संदेश देना होगा और यह हमारे लक्ष्य का हिस्सा है. हमने सभी सबूत जुटाने के लिए बहुत मेहनत की है जो आरोपों को सही साबित करने में मददगार होंगे."

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः एस गौड़

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