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खेल

स्पेन को हरा कर ब्राजील तैयार

सड़कों पर विरोध की ज्वाला थी और मैदान में ब्राजील वर्ल्ड चैम्पियन स्पेन को बच्चे की तरह नचा रहा था. कंफेडरेशन कप का पर्दा हटा तो ब्राजील विजयी निकला पर अपने ही लोगों की नाखुशी जश्न को फीका कर गई.

रियो के मरकाना स्टेडियम ने रविवार को विश्व विजेता स्पेन की 3-0 से हार के साथ लगातार तीसरी बार कंफेडरेशन कप को ब्राजील आते देखा. उधर टूर्नामेंट के आखिरी दिन भी विरोध प्रदर्शन करने वालों ने छुट्टी नहीं देने की ठान रखी थी. पूरे कंफेडरेशन कप के दौरान 10 लाख से ज्यादा लोग ब्राजील के अलग अलग शहरों में विरोध प्रदर्शन करने के लिए निकले. यह लोग सार्वजनिक सेवाओं की खराब हालत के बावजूद खेल आयोजन पर पैसा खर्च करने का विरोध कर रहे हैं. ब्राजील में अगले साल फुटबॉल का वर्ल्ड कप होना है और उसकी तैयारी पर भी भारी खर्च किया जा रहा है. (अव्यवस्था को किक मारते ब्राजीलियाई)

बाहर चाहे जितना विरोध हो रहा हो स्टेडियम में तो फुटबॉल का ही जादू चल रहा था. नेमार के बूटों ने तो सबकी आंखों में पहले से ही चमक भर रखी थी लेकिन फ्रेड ने मेजबानों की खुशी का सामान बड़ी खामोशी से जुटाया. रियो के क्लब फ्लूमियेंसे के लिए खेलने वाले फ्रेड ने फाइनल मैच के दूसरे मिनट में ही गोल दाग कर यूरोप और वर्ल्ड के चैंपियन स्पेन को हैरान कर दिया. 73 हजार दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में मैच की शुरुआत से ही जोश भर गया. तालियों की गड़गड़ाहट के बीच 80वें मिनट में बाहर होने से पहले फ्रेड मैच का तीसरा और आखिरी गोल कर ब्राजील की जीत तय कर चुके थे. मैच के बाद फ्रेड ने कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं कि यह मेरे जीवन का सबसे खास मैच था."

ब्राजील के लिए दूसरा गोल करने वाले नेमार को टूर्नामेंट में चौथी बार मैन ऑफ द मैच चुना गया इसके साथ ही वो प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के भी हकदार बने. विश्व विजेता टीम का ब्राजील के हाथों इतनी बुरी तरह से हारना शर्मनाक तो रहा लेकिन उन्होंने बड़ी साफगोई से माना कि कंफेडरेशन कप के फाइनल में उनकी एक नहीं चली. उन्होंने खुले दिल से ब्राजील को बधाई दी और कहा कि वो इस खास दिन "काफी अच्छे" थे. कप्तान कैसिलास ने कहा, "यह तकलीफदेह है. ब्राजील के लिए यह गेम शानदार रहा. कभी कभी आपके हारने की बारी होती है, इसे मन में रखने की जरूरत नहीं है, हमें खुद को ऊपर उठाना होगा." स्पेन जिस तरह से दबाव बना कर खेलता है वह पिछले दिनों नहीं दिखा रहा था और फाइनल के दिन तो इसकी झलक तक देखने को नहीं मिली.

इस जीत ने ब्राजील को अगले वर्ल्ड कप के लिए जरूरी जोश दे दिया है. लगातार 29 मैचों से अविजित रहे विश्वविजेता को कड़ी शिकस्त दे कर न उन्होंने अपनी तैयारियों को परखा है बल्कि अपना मनोबल भी ऊंचा कर लिया है. ब्राजील के कोच लुईस फिलिपे स्कोलारी ने तो फाइनल मैच के पहले ही कह दिया कि नेशनल टीम ने हमारे दर्शकों के साथ अपनी विश्वसनीयता बना ली है और अब दूसरी राष्ट्रीय टीमों को संदेश दे रहे हैं कि हम वर्ल्ड कप 2014 के लिए तैयार हैं.

एनआर/एएम (डीपीए)

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