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दुनिया

स्पेनी अलगाववादियों ने हथियार डाले

स्पेन में यूरोप के अंतिम अलगाववादी आंदोलन एटा ने ऐतिहासिक निरस्त्रीकरण अभियान शुरू किया है. अंतरराष्ट्रीय प्रेक्षकों ने कहा है कि इस हथियारबंद बास्क संगठन ने हथियार डालना शुरू कर दिया है.

एटा के दशकों के हथियारबंद आंदोलन में संघर्षविराम की निगरानी कर रहे एक विशेषज्ञ दल ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें नकाब पहने एटा सदस्य पर्यवेक्षकों को अपने हथियार सौंप रहे हैं. पर्यवेक्षक दल के प्रवक्ता राम मनिकलिंगम ने स्पेनी शहर बिलबाओ में बताया, "आयोग ने इस बात की जांच की है कि एटा ने निश्चित मात्रा में हथियारों और गोला बारूद सील किया है और उन्हें कार्रवाई से निकाल लिया है." उन्होंने कहा कि आयोग को भरोसा है कि यह कदम महत्वपूर्ण और विश्वसनीय है.

स्पेन की सरकार ने एटा के कदम पर कंधा झाड़ लिया है. एटा को अमेरिका और यूरोपीय संघ ने आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है. स्पेन के गृह मंत्री खोर्खे फर्नांडेज डियाज ने बिना शर्त हथियार डालने और स्पेनी सेना के हाथों पूरी हार की अपनी सरकार की मांग दोहराई. उन्होंने कहा, "पूरे सम्मान के साथ कहूंगा कि हमें अंतरराष्ट्रीय मोनीटर नहीं चाहिए. हमारे लिए सिविल गार्ड और पुलिस काफी हैं."

लेकिन एटा के इस कदम से स्पेन के बास्क प्रदेश में उम्मीद की किरण जगी हैं. इलाके के प्रमुख इनिगो उरकुल्लू ने कहा, "यह छोटा कदम है. यह काफी नहीं हैलेकिन यह पूरे निरस्त्रीकरण की ओर पहला और आवश्यक कदम है." उत्तरी स्पेन और दक्षिण पश्चिम फ्रांस के इलाकों को मिलाकर आजाद बास्क राष्ट्र के लिए संघर्ष कर रहे एटा को हिंसक आंदोलन के दौरान 829 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार माना जाता है.

Festnahme von ETA-Verdächtigen in Spanien 08.01.2014

एटा संदिग्धों की गिरफ्तारी

स्पेन और फ्रांस की सरकारों ने एटा के साथ बातचीत करने से मना कर रखा है और स्पेन श्रीलंका के मनिकलिंगम और उनके अंतरराष्ट्रीय पुष्टि आयोग को मान्यता नहीं देता. स्पेन और फ्रांस में वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी के बाद एटा पिछले सालों में कमजोर हुआ है. एक आकलन के अनुसार उसके सिर्फ 30 फीसदी सदस्य ही इस समय प्रशासन की पकड़ से बाहर हैं. अक्टूबर 2011 में उसने हथियाबंद गतिविधियों को पूरी तरह रोकने की घोषणा की थी.

इस बीत अहिंसक बास्क राष्ट्रवादी संगठनों राजनीतिक प्रभाव बढ़ा है और क्षेत्रीय चुनावों के जरिए उनकी ताकत भी बढ़ी है. हाल के महीनों में एटा के सदस्यों ने स्पेन की सरकार से जेल के हालात में रियायतें पाने में सफलता मिली है. इसने एटा के हमलों में मरने वाले लोगों के परिवार वालों को नाराज किया है. स्पेन और फ्रांस ने बंदियों को घर के निकट की जेल में रखने पर एटा के साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया है.

एटा की स्थापना 1959 में फ्रांको तानाशाही के दौरान कुछ राष्ट्रवादी बास्क छात्रों ने की थी. उसने अंतिम हिंसक हमला 2009 में किया था. कार में हम रखकर किए गए इस हमले में दो पुलिसकर्मी मारे गए. अक्टूबर में यूरोपीय मानवाधिकार अदालत के एक फैसले के बाद एटा के दर्जनों बंदियों को रिहा करना पड़ा था जब उसने बंदियों की सजा बढ़ाने के स्पेन सरकार के एक कानून को निरस्त कर दिया था.

एमजे/एजेए (एएफपी)

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