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दुनिया

स्नोडेन से मिले जर्मन ग्रीन पार्टी के नेता

एनएसए की जासूसी का खुलासा करने वाले एडवर्ड स्नोडेन से जर्मनी की ग्रीन पार्टी के नेता हंस क्रिस्टियान श्ट्रोएबेले ने मॉस्को में मुलाकात की. श्ट्रोएबेले ने स्नोडेन को बर्लिन आ कर एनएसए के खिलाफ गवाही देने का न्योता दिया.

मुलाकात के बाद जर्मनी के सार्वजनिक टीवी चैनल एआरडी से बात करते हुए श्ट्रोएबेले ने कहा कि स्नोडेन जर्मनी के वकीलों से बात करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें इस बात का आश्वासन चाहिए कि उन्हें जबरन अमेरिका वापस नहीं भेजा जाएगा.

श्ट्रोएबेले की इस मुलाकात को गुप्त रखा गया. उनके साथ केवल एआरडी के दो पत्रकार गए. मुलाकात के दौरान पत्रकार बाहर ही रहे. श्ट्रोएबेले ने स्नोडेन से मिलने के बाद पत्रकारों से कहा, "उनकी सेहत अच्छी है और वे खुश हैं." पर साथ ही उन्होंने स्नोडेन की पेचीदा कानूनी स्थिति की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह काफी चिंतित हैं.

मैर्केल के लिए सिरदर्द

स्नोडेन से मुलाकात श्ट्रोएबेले और उनकी ग्रीन पार्टी के लिए तो सफलता के तौर पर देखी जा रही है, लेकिन चांसलर अंगेला मैर्केल के लिए इससे मुश्किलें बढ़ती दिखती हैं. मैर्केल ने चुनावों से पहले ही कह दिया था कि वह स्नोडेन का समर्थन नहीं करेंगी. हालांकि पिछले कुछ महीनों में अमेरिका और जर्मनी के संबंधों में खटास बढ़ी है. एनएसए की 2002 से मैर्केल का मोबाइल फोन सुनने की बात सामने आने के बाद से मैर्केल अमेरिका से खासा नाराज दिख रही हैं.

हालांकि जर्मनी में चुनाव हुए एक महीने से ऊपर हो गया है, लेकिन मैर्केल की सीडीयू पार्टी अब तक गठबंधन बनाने में सफल नहीं हो पाई है. ग्रीन पार्टी विपक्ष में है और उसने शुरू से ही स्नोडेन का समर्थन किया है.

Edward Snowden in Moskau

रूसी मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार स्नोडन रूस की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी वीकॉन्टैक को संभाल रहे हैं.

सोशल मीडिया साइट संभालेगा स्नोडेन

श्ट्रोएबेले भले ही स्नोडेन को बर्लिन बुलाने की बात पर जोर दे रहे हों, पर उनकी इस बातचीत से कुछ घंटे पहले ही स्नोडेन के वकील अनातोली कुचेरेना ने रूसी समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि स्नोडेन पश्चिमी देशों से सामने किसी भी तरह की जवाबदेही के लिए तैयार नहीं हैं. इंटरफैक्स से बात करते हुए उन्होंने कहा, "स्नोडेन रूस में रहते हैं और रूस के कानून के अनुसार वे देश छोड़ कर नहीं जा सकते क्योंकि उस हाल में उनसे शरणार्थी होने का दर्जा छीन लिया जाएगा."

स्नोडेन को एक साल के लिए रूस में इस शर्त पर शरण दी गयी है कि वह अमेरिका की खुफिया एजेंसी के बारे में और खुलासे नहीं करेगा. कुचेरेना ने कहा कि स्नोडेन को रूस की एक बड़ी इंटरनेट कंपनी की तरफ से नौकरी का प्रस्ताव भी आया है और वे शुक्रवार (1 नवंबर) से ही वहां काम शुरू कर रहे हैं. कुचेरेना ने वेबसाइट का नाम तो नहीं बताया, पर उनके अनुसार स्नोडेन का काम रूस की सबसे बड़ी वेबसाइटों में से एक को पूरी तरह संभालने का होगा. रूसी मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार स्नोडेन वीकॉन्टैक नाम की कंपनी से जुड़े हैं, जो रूस की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी है.

जर्मनी में चर्चा

ग्रीन पार्टी के श्ट्रोएबेले खुद पेशे से वकील हैं और उन्होंने कहा है कि उन्होंने स्नोडेन को आश्वासन दिया है कि उसके हकों का सम्मान किया जाएगा. उन्होंने बताया कि अगर स्नोडेन बर्लिन ना भी आ सके तो उस हाल में जर्मनी से वकीलों को बयान दर्ज करने के लिए रूस भेजा जा सकता है. श्ट्रोएबेले ने कहा कि वह संसदीय समिति में इस पर चर्चा करेंगे.

अमेरिका पहले ही स्नोडेन के पासपोर्ट को अमान्य कर चुका है और जर्मनी समेत कई अन्य देशों से स्नोडेन को अमेरिका वापस भेजने की बात भी कही गयी है.

आईबी/एमजे (एएफपी/डीपीए/रॉयटर्स)

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