1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

जर्मन चुनाव

स्थायी सीट के लिए दावेदारी का समर्थन

भारत के चार दिवसीय दौरे पर आए निकोला सारकोजी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की दावेदारी का समर्थन किया है. सारकोजी आतंकवाद के खिलाफ में भी भारत के साथ खड़े हैं. सारकोजी की संगिनी कार्ला ब्रूनी भी भारत में.

default

बैंगलोर में इंडियन स्पेस रिसर्च ऑरगेनाइजेशन में वैज्ञानिकों, छात्रों और अन्य बड़ी हस्तियों को संबोधित करते हुए सारकोजी ने कहा, "भारत सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट का हकदार है. ब्राजील, जर्मनी, जापान, अफ्रीका और अरब जगत के साथ भारत को भी सुरक्षा परिषद में होना चाहिए." फ्रांस के राष्ट्रपति घरेलू कंपनियों के लिए कारोबारी संभावनाएं तलाशने भारत आए हैं साथ ही भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए परमाणु प्लांट बनाने पर भी समझौते की उम्मीद है.

सारकोजी ने आश्वासन दिया है कि फ्रांस भारत के परमाणु कार्यक्रम के विकास के लिए हर मदद देने के लिए तैयार है. सारकोजी के मुताबिक जैतपुर में 10 हजार मेगावाट ऊर्जा का परमाणु प्लांट स्थापित करने में फ्रांस को बेहद खुशी होगी. सोमवार को सारकोजी और भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच बातचीत होगी. रविवार को सारकोजी कार्ला ब्रूनी के साथ ताज महल देखने के लिए आगरा जाएंगे.

Nicolas Sarkozy und Carla Bruni Flash-Galerie

सारकोजी के साथ फ्रांस से आए प्रतिनिधिमंडल में रक्षा, विदेश और वित्त मंत्रियों के अलावा फ्रांस की करीब 60 कंपनियों के सीईओ हैं. इस यात्रा के दौरान किसी रक्षा मसौदे पर सहमति की उम्मीद नहीं है लेकिन सैन्य साजोसामान के निर्माण के कॉन्ट्रैक्ट के लिए वह फ्रांसीसी कंपनियों की दावेदारी को आगे बढ़ाएंगें. भारतीय वायु सेना के 51 मिराज 2000 लड़ाकू विमानों के आधुनिकीकरण का कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए फ्रांस की कंपनियां पूरे प्रयास कर रही हैं.

इसके अलावा भारत 126 लड़ाकू विमानों को खरीदना चाहता है और यह खरीद करीब 11 अरब डॉलर की होगी. 4 अरब डॉलर के 200 हेलीकॉप्टरों के लिए भी भारत खरीदना चाहता है. रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि 2012 से लेकर 2022 तक भारत सैन्य आधुनिकीकरण के लिए भारत 80 अरब डॉलर तक खर्च करने पर विचार कर रहा है. भारत करीब 20 परमाणु प्लांट का निर्माण करने की योजना बना रहा है और फ्रांस इसमें अपना फायदा तलाश रहा है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: ए जमाल

DW.COM