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दुनिया

स्टार एंकर को ले डूबी कहानी

गलत जानकारी देने के चलते निलंबित हुए अमेरिकी पत्रकार ब्रायन विलियम्स का भविष्य अधर में लटका है. कुछ का कहना है कि उन्हें दूसरा मौका पाने का हक है तो कुछ का कहना है कि विश्वास खोने के बाद पत्रकारिता नहीं की जा सकती.

अमेरिकी न्यूज चैनल एनबीसी के सबसे लोकप्रिय शो "नाइटली न्यूज" के मेजबान ब्रायन विलियम्स ने इसी हफ्ते स्वीकार किया कि उन्होंने इराक युद्ध से जुड़े एक मामले की झूठी कहानी गढ़ी. विलियम्स को छह महीने तक बिना वेतन के निलंबित करने का एलान करते हुए एनबीसी न्यूज की निदेशक डेबोरा टर्नेस ने कहा कि विलियम्स "ने 2003 में इराक युद्ध के दौरान हुई घटनाओं को बाद में गलत ढंग से पेश किया."

तथ्यों से छेड़छाड़

इससे पहले विलियम्स कुछ मौकों पर कह चुके थे कि 2003 में इराक युद्ध के दौरान वे जिस हेलीकॉप्टर पर सवार थे, उस पर दुश्मनों ने ग्रेनेड हमला किया. लेकिन मौके पर मौजूद सैनिकों ने काफी समय बाद उनकी इस काल्पनिक कहानी का विरोध किया. घटना वाले दिन फायरिंग से जूझने वाले 159वीं एविएशन रेजीमेंट के चालक दल ने कहा कि उनके हेलीकॉफ्टर पर दो छोटे रॉकेट टकराए. उनके पीछे और दो हेलीकॉप्टर उड़ रहे थे. तीनों को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. विलियम्स किसी हेलीकॉप्टर में सवार नहीं थे. वो तो घंटे भर बाद एक अलग हेलीकॉप्टर में वहां पहुंचे.


सैनिकों के विरोध और इंटरनेट बात फैलने के बाद विलियम्स को माफी मांगनी पड़ी. फिलहाल एक ही अधिकारी विलियम्स का पक्ष लेता दिख रहा है. एनबीसी यूनिवर्सल के प्रमुख स्टीव बर्के ने कहा है कि उनका मुख्य एंकर एक और मौका पाने का हकदार है और समय कई घावों को भर देता है. बर्के ने कहा कि रिपोर्टिंग करके लौटे पत्रकारों के निजी अनुभवों में सबकी दिलचस्पी होती है. लोग जानना चाहते हैं कि ताकतवर लोगों का अंत कैसे हुआ. विलियम्स यह साफ कर चुके हैं कि वे कुछ तथ्य भूलवश आगे पीछे कर गए. गलत जानकारी के चलते इंटरनेट पर लोगों ने विलियम्स की खिंचाई कर दी. बर्के को लगता है कि और ज्यादा शालीन तरीके से अगर विलियम्स माफी मांगेंगे तो हो सकता है कि दर्शक उन पर भरोसा करने लगें.

चेहरा नहीं, भरोसा लाओ

नाइटली न्यूज जैसे लोकप्रिय कार्यक्रम में विलियम्स की जगह अब लेस्टर होल्ट ले रहे हैं. होल्ट पर शो की रेटिंग को ऊंचा बनाए रखने की चुनौती होगी. अगर ऐसा हुआ तो एनबीसी विलियम्स के बजाए दूसरे विश्वसनीय चेहरों को मौका देगा. एबीसी चैनल का उदाहरण लोगों के सामने है. बीते कुछ सालों से एबीसी का "वर्ल्ड न्यूज टुनाइट" लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है. मशहूर एंकर डियाने शॉयर और डैविड मुइर को हटाने के बावजूद शो बढ़िया चल रहा है.

चैनल के शाम के कामकाज पर नजर रखने वाले सलाहकार एंड्रयू टिडैल के मुताबिक दर्शक एंकर के बजाए क्वालिटी की ज्यादा फिक्र करते हैं. टिडैल ने विलियम्स प्रकरण पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, "सिर्फ वही अकेले (विलियम्स) छोड़ने योग्य नहीं है, पूरा बिजनेस मॉडल ही गलत है."

निलंबन के दौरान एनबीसी ने विलियम्स के और मामलों की जांच भी खुली रखी है. विलियम्स अपनी रिपोर्टिंग अनुभवों का कई बार जिक्र करते हैं. कुछ आलोचकों का कहना है कि विलियम्स पेशेवर मूल्यों के इतने बाहर आ चुके हैं कि अब उनके लिए काम करना आसान नहीं होगा. शायद दर्शक भी उन्हें अब चुनाव अभियान या राष्ट्रपति पद के दावेदारों से सवाल पूछते देखना पसंद न करें.

सीएनएन अखबार के पूर्व वॉशिंगटन ब्यूरो प्रमुख और वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर फ्रांक सेस्नो कहते हैं, "यह निलंबन उन्हें बहुत चोट पहुंचाएगा. अगर अपराध ऐसा है कि उसके लिए छह महीने का निलंबन मिले, तो भला कैसे कोई पुराने सम्मान और विश्वस को पा सकता है."

ओएसजे/आईबी (एपी, रॉयटर्स)

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