1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

"स्कॉच के रुतबे से छेड़छाड़ न करें ब्रिटेन"

स्कॉटलैंड ने मशहूर स्कॉच व्हिस्की को लेकर ब्रिटेन को चेतावनी दी है. स्कॉटलैंड चाहता है कि ब्रेजिक्ट के बाद भी स्कॉच का रुतबा बरकरार रहे.

स्कॉटलैंड के वित्त मंत्री कीथ ब्राउन ने ब्रिटिश सरकार से स्कॉच व्हिस्की के रुतबे की रक्षा करने को कहा है. ब्रिटिश अधिकारियों को लिखे पत्र में ब्राउन ने चेतावनी दी कि अगर स्कॉच व्हिस्की की रुतबे पर आंच आयी तो 5.3 अरब डॉलर का कारोबार प्रभावित होगा. ब्राउन ने कहा, "स्कॉटलैंड की संस्कृति और उसकी पहचान होने के साथ साथ, हमारी व्हिस्की 20,000 लोगों को रोजगार देती है."

स्कॉटलैंड में बनने वाली 33 फीसदी स्कॉच यूरोपीय संघ के देशों में बिकती है. यूरोपीय संघ स्कॉच का सबसे बड़ा बाजार है.

यूरोपीय संघ के मौजूदा कानूनों में स्कॉच की परिभाषा साफ तौर तय की गयी है. नियमों के मुताबिक कम से कम तीन साल तक लकड़ी के कूपे में रहने और पूरी तरह परिपक्व होने के बाद ही व्हिस्की जैसे अल्कोहॉलिक पेय को स्कॉच व्हिस्की का दर्जा मिलता है.

ब्रेक्जिट के बाद ब्रिटेन को नए बाजार की तलाश है. अमेरिका और ब्रिटेन के बीच ट्रांसअटलांटिक ट्रेड एंड इनवेस्टमेंट पार्टनरशिप (TTIP) पर चर्चा हो रही है. इस संधि पर चर्चा के दौरान अमेरिका स्कॉच की तय परिभाषा में नरमी लाने की इच्छा जता चुका है. यानि कम से कम तीन साल बैरल में रहने और परिपक्व होने से पहले ही व्हिस्की को स्कॉच का दर्जा दिया जा सकेगा. स्कॉटलैंड इसी पर नाराजगी जता रहा है. स्कॉटलैंड में बनने वाली 90 फीसदी स्कॉच व्हिस्की निर्यात की जाती है. यूरोपीय संघ के बाद अमेरिका स्कॉच का दूसरा बड़ा बाजार है.

(यूके, जीबी, ब्रिटेन और इंग्लैंड में फर्क​​​​​​​)

ओएसजे/एके (डीपीए, एपी)

 

DW.COM

संबंधित सामग्री