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दुनिया

स्कूल में बच्चे की हत्या, पिता ने सीबीआई जांच की मांग की

गुड़गांव के रेयान स्कूल में 7 साल के बच्चे की हत्या के बाद पुलिस ने स्कूल के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में बच्चे के पिता ने सीबीआई जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.

शुक्रवार को रेयान इंटरनेशनल स्कूल के बाथरूम में सात साल के बच्चे का शव मिला था. बच्चे का गला काट कर हत्या की गई थी. घटना के तुरंत बाद स्कूल के बस कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस का दावा है कि उसने स्वीकार किया कि उसने बच्चे के यौन उत्पीड़न की कोशिश की और बच्चे के विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सोमवार को सुनवाई करेगी.

इस मामले में पुलिस प्रवक्ता रणवीर सिंह ने कहा, "स्कूल के स्थानीय प्रमुख और एच.आर हेड को रविवार देर रात गिरफ्तार किया गया है. उन्हें भारत के जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है."

इस मामले की छानबीन कर रही कमेटी ने बताया था कि सुरक्षा को लेकर स्कूल मैनेजमेंट की गंभीर गड़बड़ियां रही हैं. इस हत्या के बाद गुड़गांव स्थिति रेयान इंटरनेशल स्कूल के बाहर सैकड़ों परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया  और स्कूल मैंनेजमेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.

हरियाणा के शिक्षा मंत्री राम विलास शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि स्कूल की कोई बाउंड्री नहीं है कोई भी स्कूल परिसर में आसानी से आ जा सकता है. स्कूल की 40 बसों के ड्राइवरों के लिए कोई अलग से बाथरूम नहीं है. कई बाथरूम की खिड़कियां भी टूटी हुई हैं. उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल में चेकिंग की कोई व्यवस्था नहीं है और सभी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी नहीं हैं.

इस हत्या के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपना विरोध दर्ज किया. लोगों ने स्कूल की व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल उठाए. फेसबुक पर शुरू हुआ यह विरोध दिल्ली के जंतर मंतर तक जा पहुंचा जहां लोगों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया. 

वहीं स्कूल मैनेजमेंट का कहना है कि वह पुलिस की छानबीन में सहयोग कर रहा है. गुड़गांव में रेयान ग्रुप के सभी स्कूल कुछ दिनों के लिए बंद कर दिये गये हैं. सभी स्कूलों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. स्कूल में कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं है.

बच्चों के साथ यौन शोषण भारत में एक गंभीर चुनौती है. 2015 में चाइल्ड रेप के कुल 10,854 मामले सामने आए थे. हालांकि सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बहुत से मामले ऐसे होते हैं जिनकी पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं की जाती है. ज्यादातर मामलों में अपराधी पीड़ित का कोई परिचित व्यक्ति होता है.

एसएस/एनआर(डीपीए) 

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