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विज्ञान

सौ से ज्यादा साल जीने का राज

रिसर्चर पता लगा रहे हैं कि आखिर कैसे कुछ लोग सौ साल से ज्यादा जिंदा रहते हैं. क्या वे बेहद सात्विक जीवन जीते हैं? उनकी किस्मत अच्छी होती है या फिर जेनेटिक संरचना आम लोगों से अलग होती है?

रिसर्च पर काम कर रहे वैज्ञानिकों ने 17 ऐसे लोगों के जीन के नमूने लिए जो 110 से 116 साल के बीच की आयु के थे. वे पता लगाना चाहते हैं कि क्या इनकी जेनेटिक संरचना में कुछ ऐसी खास बात है जो इन्हें औरों से अलग करती है. दुनिया भर में ऐसे मात्र 75 लोग ही हैं जिनमें अधिकांश महिलाएं हैं.

स्टैंफर्ड यूनिवर्सिटी में डेवेलपमेंट बायोलॉजी और जेनेटिक्स के प्रोफेसर स्टुअर्ट किम कहते हैं, "लंबी आयु के लिए जिम्मेदार जीन की खोज में यह रिसर्च शुरुआत मात्र है." लेकिन इस सवाल का जवाब ढूंढना आसान नहीं. शोध में शामिल किए गए सभी बुजुर्गों के जीन में कोई एक समानता नहीं पाई गई. परिणाम इस तरफ भी इशारा करते हैं कि लंबी आयु के लिए कई सारे कारक एक साथ मिलकर जिम्मेदार होते हैं. किम ने कहा, "हम उम्मीद कर रहे थे कि हमें लंबी आयु के लिए जिम्मेदार खास जीन का पता लगेगा." उनकी रिपोर्ट साइंस की प्लोस वन पत्रिका में छपी है.

रिसर्च में शामिल 17 लोगों में 16 महिलाएं और एक पुरुष थे. ये सभी अमेरिका में रहते हैं. शोध शुरू होने के बात से अब तक ये सभी मर चुके हैं. किम मानते हैं कि लंबे जीवन के लिए बेशक जेनेटिक संरचना का बहुत बड़ा हाथ है लेकिन सिर्फ यह ही अकेली वजह नहीं. परिणामों के मुताबिक यह सिर्फ एक जीन का काम नहीं हो सकता. इतनी लंबी आयु जीने वाले प्रत्येक व्यक्ति में अलग अलग तरह के जीन मिलकर ऐसा होने को प्रेरित करते हैं.

ऐसा भी नहीं है कि रिसर्च में शामिल किए गए सभी लोग बेहद स्वस्थ जीवन जीते आए हों. इनमें से आधे धूम्रपान भी करते थे. 1898 में जापान में जन्मी मिसाओ ओकावा 116 साल की हैं. वह दुनिया की सबसे बुजुर्ग व्यक्ति हैं. इस साल अपने जन्मदिन पर अपनी लंबी आयु की खुशी में उन्होंने सूशी बनाई.

एसएफ/आईबी (रॉयटर्स,एएफपी)


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