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खेल

सौवीं रेस में फेटल को जीत की तलाश

विश्व चैंपियन सेबास्टियन फेटल को अपनी 100वीं रेस में बड़े मुकाबले का सामना करना पड़ रहा है. इस सीजन में वह एक भी जीत हासिल नहीं कर पाए हैं और अबकी बार तो सबसे टेढ़े ट्रैक पर रेस हो रही है.

रेड बुल के लिए फेटल का यह 100वां मुकाबला होगा और इस दौरान फेटल चार बार विश्व चैंपियन ड्राइवर बन चुके हैं. लेकिन इस सीजन में मर्सिडीज के लुइस हैमिल्टन और निको रोसबर्ग छाए हुए हैं. चार रेसों के बाद फेटल चौथे नंबर पर हैं और हैमिल्टन से 55 अंक पिछड़े हुए हैं. रेड बुल से 2009 में जुड़ने के बाद यह पहला मौका है कि सीजन इतना आगे बढ़ जाने के बावजूद फेटल एक भी रेस न जीत पाए हों.

गुरुवार को प्रैक्टिस के बाद उन्होंने मोनाको में जीत की उम्मीद जताई, "यहां हमारी स्थिति बेहतर है. लेकिन फिलहाल तो सब सिर्फ कयास वाली बात है." इस बार फेटल का जलवा नहीं दिख रहा है. इससे पहले उनके साथी ऑस्ट्रेलिया के मार्क वेबर हुआ करते थे, जो दूसरे नंबर पर भी संतुष्ट हो जाया करते थे. लेकिन अब उनके साथ डानियल रिकार्डो हैं, जिन्हें जीत से कम पर संतुष्टि नहीं होती. रिकार्डो ने मजाहिया लहजे में कहा है, "अब सेब को जीत के लिए ज्यादा ही मेहनत करनी होगी."

वहीं बाहर से इस बात पर कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या फेटल एक बार फिर अपनी टीम को आगे बढ़ाने में कामयाब हो पाते हैं. इस बार तकनीक के चक्कर में रेड बुल की कारें पिछड़ जा रही हैं. आलोचक कई बार कह चुके हैं कि पहले रेड बुल की कार तकनीकी तौर पर बहुत सक्षम हुआ करती थी और यह भी फेटल की जीत का कारण था. लेकिन ड्राइवर के तौर पर भी उनका काम कमजोर नहीं. स्पैनिश ग्रां प्री में उन्होंने 15वें नंबर से रेस शुरू की और इसे चौथे नंबर पर खत्म किया.

फेटल बेहतर प्रदर्शन के साथ आलोचकों का मुंह बंद करना चाहते हैं. मोनाको में उन्होंने इंजीनियरों के साथ घंटों बिताए ताकि जटिल चीजों को हल किया जा सके. लेकिन फॉर्मूला वन के नियमों में इस साल से काफी सख्ती आ गई है और कार के कल पुर्जों को अब यूं ही नहीं बदला जा सकता है. फेटल का कहना है, "इस बात की गारंटी नहीं हो सकती कि आप हमेशा जीतते ही जाएंगे. जीत पर जीत हासिल करना बेहद कठिन काम है."

अब तक के अपने 99 रेस में फेटल 38 बार जीत हासिल कर चुके हैं और कुल 62 बार पोडियम पर चढ़ चुके हैं. पहले, दूसरे और तीसरे नंबर का ड्राइवर पोडियम पर जाता है.

एजेए/एमजे (डीपीए)

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