सोशल मीडिया से भागते करोड़ों | ताना बाना | DW | 18.01.2014
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ताना बाना

सोशल मीडिया से भागते करोड़ों

चीन में सोशल मीडिया से जुड़े लोगों की संख्या पिछले साल करीब पौने तीन करोड़ कम हो गई. सोशल वेबसाइट के उफान पर आने के बाद यह पहला मौका है, जब इसके यूजरों की संख्या इतनी कम हुई है. चीन में इंटरनेट पर सख्त नियंत्रण है.

सरकार ने संवेदनशील कहते हुए कई वेबसाइटों पर लगाम लगाई है, जिसके बाद यूजरों की संख्या कम होती जा रही है. इसके साथ ही चीन में सोशल मीडिया के इस्तेमाल में भी कमी देखी जा रही है. इसी बीच मोबाइल फोन से संदेश भेजने और सोशल मीडिया की तरह काम करने वाले एप्लीकेशन खूब लोकप्रिय हो रहे हैं.

मोबाइल की तरफ रुख

चीन इंटरनेट नेटवर्क सूचना केंद्र ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा कि सोशल वेबसाइट इस्तेमाल करने वालों की संख्या दो करोड़ 78 लाख तक कम हुई है. इसके मुताबिक सीना वाइबो के यूजरों की संख्या 2013 के अंत में करीब नौ फीसदी कम हो गई. हालांकि इसका कहना है कि वीचैट जैसे मोबाइल ऐप इस्तेमाल करने वालों की संख्या 2013 में करीब आठ करोड़ बढ़ गई है. यह पिछले साल के मुकाबले करीब 22.3 प्रतिशत है.

जानकारों का मानना है कि चीन के इंटरनेट यूजर धीरे धीरे मोबाइल की तरफ रुख कर रहे हैं, खास तौर पर वीचैट की तरफ, जहां से सूचना बांटी जा सकती है. वीचैट में ग्रुप बना कर बात की जा सकती है या फिर ऐसा सार्वजनिक प्लेटफॉर्म बनाया जा सकता है, जहां कोई भी जुड़ सकता है या सब्सक्राइब कर सकता है. यह ट्विटर से मिलता जुलता प्लेटफॉर्म है लेकिन यहां शब्दों की सीमा नहीं है.

Mann telefoniert mit einem Smartphone

मोबाइल की तरफ बढ़ते इंटरनेट यूजर

सख्त सरकारी नीतियां

माना जाता है कि सरकारी नीतियों की वजह से सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वालों की संख्या में भारी कमी आ रही है. चीन की सरकार अफवाह, देश की गलत छवि बनाने और अनुशासनहीनता के नाम पर इंटरनेट कंपनियों के खिलाफ कदम उठाती रहती है. नए कानून के मुताबिक सरकार उन माइक्रोब्लॉगर को जेल भेज सकती है, जिसकी गलत सूचना 500 बार दोबारा पोस्ट की गई हो या जिसे 5000 लोगों ने देखा हो. सरकार ने कई माइक्रोब्लॉगिंग साइटों को बंद करा दिया है और दर्जनों माइक्रोब्लॉगरों को गिरफ्तार किया गया है.

नवंबर में एक प्रोपेगैंडा अधिकारी ने दावा किया कि "साइबर स्पेस पहले सही और गलत चीजों से भरा था, जिसे हमने साफ किया है. ऑनलाइन अफवाहों को हमने खत्म किया है." ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के 20 फीसदी लोगों ने सोशल नेटवर्क पर काम धीमा कर दिया है. खास तौर पर बेहतर जीवनशैली और ज्यादा पढ़े लिखे लोगों ने.

एजेए/एमजे (एपी)

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