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जर्मन चुनाव

सोनिया, राहुल पर भारी दबाव

लोकसभा चुनावों में सबसे बड़ी हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी कांग्रेस की बैठक कर रहे हैं, मां-बेटे पर इस्तीफे तक का दबाव बन गया है.

पार्टी की सबसे बड़ी समिति कांग्रेस कार्य समिति दोपहर बाद दिल्ली में बैठक करने वाली है और इसमें चुनाव के नतीजों पर चर्चा होने वाली है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राजनीति से संन्यास ले लिया है और कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ सांसद कमलनाथ भी इस बैठक में शामिल होंगे.

भारत की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के चुनाव प्रचार के सभी तरीके नाकाम हो गए और वह सिर्फ 44 सीटों पर सिमट गई है, जबकि 30 साल बाद भारत में पहली बार किसी एक पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल किया है. बीजेपी को अकेले 282 सीटें मिलीं. सोमवार को कांग्रेस की बैठक में समझा जाता है कि पार्टी नई रणनीति अपनाने का एलान करेगी, जिसमें राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी को ज्यादा अहमियत देने पर भी विचार किया जा सकता है.

Bildergalerie Priyanka Gandhi

प्रियंका की जिम्मेदारी पर नजर

इस बात की चर्चा होने लगी है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी अपने पदों से इस्तीफा दे सकते हैं. पर पार्टी में कोई इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता है. सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी का कहना है, "यह सवाल कहां से आ गया कि कांग्रेस अध्यक्ष या उपाध्यक्ष इस्तीफा देने जा रहे हैं. यह हम सबकी साझी जिम्मेदारी रही है."

कांग्रेस के महासचिव शकील अहमद का कहना है कि अगर सोनिया और राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की, तो सारे नेता इस्तीफा दे देंगे. भारत की आजादी के बाद से कांग्रेस ने सिर्फ 13 साल छोड़ कर बाकी सारे समय देश पर राज किया है. इस बार भी लगातार 10 साल तक सत्ता में रहने के बाद उसे हार का सामना करना पड़ा है.

आर्थिक विकास में कमी, खाने पीने की चीजों के दाम बेतहाशा बढ़ने और लगातार भ्रष्टाचार के मामलों के अलावा बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के सामने राहुल गांधी का कच्चा साबित होना इन चुनावों में अहम मोड़ रहे. प्रमुख टिप्पणीकार रामचंद्र गुहा का कहना है, "आर्थिक विकास और सामाजिक गति की वजह से भारत का युवा अपनी सोच बदल रहा है."

एजेए/ओएसजे (एएफपी)

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