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खेल

सोची में सुरक्षा चाक चौबंद

रूस के सोची में विंटर ओंलपिक को एक महीने से भी कम वक्त बचा है. आतंकवादी हमलों के बाद रूस में खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है. अब सरकार ने सोची में सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी है.

अगले महीने रूसी शहर सोची में होने वाले शीत ओलंपिक को लेकर सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा ओलंपिक के दौरान सुरक्षा के पुख्ता एलान के बाद काला सागर स्थित पर्यटक स्थल सोची में कड़ा पहरा बिठा दिया गया है. पुतिन को पता है कि सोची ओलंपिक की सफलता या विफलता से उनकी विरासत को आकार देने में मदद मिलेगी. हाल ही में रूसी शहर वोल्गोग्राड में हुए दो आत्मघाती धमाकों के बाद रूस सरकार ने देश में सुरक्षा बंदोबस्त कड़े कर दिए हैं. इन धमाकों में 34 लोगों की मौत हो गई थी. मॉस्को में वांछित और चेचन विद्रोही नेता दोकू उमराव ने चरमपंथियों से ज्यादा से ज्यादा ताकत का इस्तेमाल करते हुए सोची ओलंपिक को असफल करने का आग्रह किया है. उमराव रूस के दक्षिणी भाग में अलग इस्लामिक राष्ट्र बनाने का सपना देख रहा है.

आपात स्थिति के मंत्री व्लादिमीर पुचकोव के मुताबिक, "सात जनवरी से सभी डिवीजनों को कॉम्बैट अलर्ट पर रखा गया है, जो खेलों में भाग लेने वाले और अतिथियों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं. विंटर ओलंपिक से जुड़े सभी सुरक्षा के मुद्दे अंतरराष्ट्रीय स्तर के हिसाब से निपटाए जा रहे हैं.''

अब तक के सबसे महंगे विंटर ओलंपिक में हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. दो हफ्ते से ज्यादा चलने वाले ओलंपिक में सैकड़ों खिलाड़ियों के साथ हजारों पर्यटक भी भाग लेने वाले हैं. परिवहन विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि सात जनवरी से सोची में ट्रैफिक रूट में भी बदलाव किए गए हैं. सोची में ओलंपिक खेलों से जुड़ी गाड़ियों को प्राथमिकता देने के लिए नए नियम लागू हुए हैं.

परिवहन निदेशालय के मुताबिक, "ट्रैफिक नियम में बदलाव रास्तों को खाली रखने, दर्शकों, खिलाड़ियों और ओलंपिक परिवार के सदस्यों के लिए आसान बनाने के लिए किए गए हैं.'' सोची में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम से स्थानीय लोग भी परेशान हैं. पूर्व सोवियत युग के इस समुद्री तट को स्टील और लोहे के बाड़ों से घेर दिया गया है. रविवार को करीब 200 लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. उनका कहना है कि सोची के स्थानीय निवासियों का इन खेलों पर हक है, न कि पर्यटकों का. हालांकि पुतिन इन विरोध प्रदर्शनों को दबाने के पक्ष में नहीं दिख रहे हैं. शनिवार को ओलंपिक खेलों के उद्धाटन समारोह के रिहर्सल के मौके पर पुतिन ने प्रदर्शनों पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी. अब प्रदर्शनकारियों के पास सुरक्षा एजेंसियों द्वारा बताए गए जगहों पर प्रदर्शन की इजाजत है.

एए/आईबी (रॉयटर्स)

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