1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

खेल

सोची में अमेरिका के समलैंगिक खिलाड़ी

सोची ओलंपिक से पहले गहराते विवादों के बीच राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में दो समलैंगिक खिलाड़ियों के नाम घोषित किए हैं. इसे रूस के समलैंगिकता कानून के खिलाफ अमेरिका के संदेश के रूप में देखा जा रहा है.

अगले साल सात फरवरी से सोची में होने वाले खेलों के उद्घाटन समारोह के लिए ओबामा ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में टेनिस स्टार बिली जीन किंग और आइस हॉकी की रजत पदक विजेता कैटलिन कैहोव के नाम भेजे हैं.

सोची खेलों के समापन समारोह में अमेरिका का प्रतिनिधित्व उप विदेश मंत्री विलियम बर्न्स सहित मैकफाउल, कैहोव, स्केटिंग स्टार बोनी ब्लेयर और एरिक हेडेन करेंगे. राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता कैटलिन हेडेन ने कहा, "ओलंपिक खेलों में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका की विविधता का प्रतिनिधित्व करता है. हमारे सभी प्रतिनिधि सरकारी सेवाओं, नागरिक सहयोग और खेल के क्षेत्र में सफलता के लिए जाने जाते हैं."

रूस में कानून

रूस सरकार ने इस साल जून में समलैंगिकता के प्रचार पर प्रतिबंध लगा दिया था. इस पर पश्चिमी देशों और मानव अधिकार संगठनों ने रूस की कड़ी आलोचना की. समलैंगिकों के अधिकारों के लिए काम करने वाले कई संगठनों ने सोची ओलंपिक का बहिष्कार करने की अपील की थी.

Rußland - Homosexuellen Proteste gegen Putin

समलैंगिकता के खिलाफ प्रतिबंध के चलते, मानवाधिकारों के हनन के लिए रूस की कड़ी आलोचना हो रही है.

अगस्त में ओबामा ने कहा था कि वह ओलंपिक खेलों में हिस्सा न लेने के विचार से सहमत नहीं हैं, लेकिन वह चाहेंगे कि अमेरिका से समलैंगिक खिलाड़ी सोची खेलों में हिस्सा लेने जाएं और वहां से पदक लेकर लौटें. उन्होंने कहा था, "अगर रूस के पास समलैंगिक खिलाड़ी नहीं है, तो इससे उनकी अपनी टीम कमजोर हो सकती है."

इसके बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा था कि सोची में किसी भी खिलाड़ी के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं होगा. समलैंगिक खिलाड़ी बेझिझक खेलों में हिस्सा लेने आएं. सभी मेहमानों की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा जाएगा, वे चाहे किसी भी धर्म, जाति या लैंगिक मान्यता वाले हों.

कूटनीतिक दबाव

सोची में सात से 23 फरवरी तक विंटर ओलंपिक खेल होने हैं. मानवाधिकारों के हनन के लिए रूस की कड़ी आलोचना हो रही है. पिछले दिनों जर्मनी और फ्रांस के राष्ट्रतियों ने सोची खेलों में हिस्सा नहीं लेने की बात कही है. जर्मनी के राष्ट्रपति योआखिम गाउक के मुताबिक वह खेलों का बहिष्कार नहीं कर रहे हैं बल्कि उनकी कुछ और योजनाएं हैं. हालांकि जर्मन मीडिया में ऐसी रिपोर्टें हैं कि मानवाधिकार और समलैंगिक अधिकारों को लेकर गाउक रूस को अपनी नाराजगी दिखा रहे हैं.

जर्मनी के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसोआ ओलांद ने सोची विंटर ओलंपिक में न जाने का एलान किया है. फ्रांस का कोई भी बड़ा अधिकारी सोची नहीं जाएगा. यूरोपीय संघ की न्याय आयुक्त विवियाने रेडिंग भी सोची जाने से इनकार कर चुकी हैं.

दुनिया भर से आ रहे दबाव के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस बात का आश्वासन देते आए हैं कि ओलंपिक में भाग लेने वाले समलैंगिक एथलीटों का वैसे ही स्वागत होगा जैसे दूसरे खिलाड़ियों का.

एसएफ/एमजे (एएफपी, रॉयटर्स)

DW.COM

WWW-Links

संबंधित सामग्री